эй ки лаъли лаби ту обхўр ҷон манаст
ای که لعل لب تو آبخور جان منست
Ту агар он манӣ ҳар дўҷҳон он манаст
تو اگر آن منی هر دو جهان آن منست
Об дарё нанишонд пас азин шуъла ӯ
آب دریا ننشاند پس ازین شعله او
Грботш расад ин сӯз ки дарҷон манаст
گر بآتش رسد این سوز که در جان منست
Бтмнои висоли ту басии савдои пухт
به تمنای وصال تو بسی سودا پخت
Тамаъи хом ки андари дил бирён манаст
طمع خام که اندر دل بریان منست
Худ ( ту ) як рӯз нагуфтӣ ки бадви марҳами васл
خود (تو) یک روز نگفتی که بدو مرهم وصل
Бифиристам , ки дилаши хаста ҳиҷрон манаст
بفرستم، که دلش خسته هجران منست
Дорам умед ки мансӯх нагардад бФроқ
دارم امید که منسوخ نگردد به فراق
Ояти раҳмати васли тўкаҳ дар шан манаст
آیت رحمت وصل تو که در شان منست
То бўслт нашавам ҷамъ нагӯям бо кас
تا به وصلت نشوم جمع نگویم با کس
Ончӣ дар фурқати ту ҳол парешон манаст
آنچه در فرقت تو حال پریشان منست
Дарди ҳиҷрони ту беморӣ маргаст маро
درد هجران تو بیماری مرگست مرا
Рӯй бинмоӣ ки дидори ту дармон манаст
روی بنمای که دیدار تو درمان منست
Рух чун лола мапуаш азмни мискин ки манам
رخ چون لاله مپوش از من مسکین که منم
Андалеби ту врўии ту гулистон манаст
عندلیب تو و روی تو گلستان منست
Юсуфи ман чу змни давр буд чун ёқӯб
یوسف من چو ز من دور بوَد چون یعقوب
Малик агар Миср буд кулба аҳзон манаст
مُلک اگر مصر بوَد کلبه احزان منست
Вари марои зулф чу чавгони ту дар чанг ояд
ور مرا زلف چو چوگان تو در چنگ آید
Србсри гӯии замини арса майдон манаст
سربهسر گوی زمین عرصه میدان منست
Одамии кӯи зғми ишқи маро манъ кунад
آدمی کو ز غم عشق مرا منع کند
Гар фириштааст дарин васваса шайтон манаст
گر فرشته است درین وسوسه شیطان منست
Гар диҳии тоҷ вагар теғи занӣ бар гардан
گر دهی تاج و گر تیغ زنی بر گردن
Сари сртст ки дар қайд гиребон манаст
سر، سرِ تست که در قید گریبان منست
Сайфи фарғонӣ дар ишқи чунин моҳи тамом
سیف فرغانی در عشق چنین ماه تمام
Бкмол ар нарасм ғоят нуқсон манаст
به کمال ار نرسم غایت نقصان منست