Маӣ ки аз ғами ишқаши дилами пари азхўнст
مهی که از غم عشقش دلم پر ازخونست
Шабӣ нагуфт ки бемори ишқ ман чунаст
شبی نگفت که بیمار عشق من چونست
Задаст нашутур ғамҳои ӯ ки нӯшаши бод
زدست نشتر غمهای او که نوشش باد
Дили шикастаи ман ҳамчуи раги пар аз хӯнаст
دل شکسته من همچو رگ پر از خونست
Агар чаҳ дил бғмш додаам чу ме нагарм
اگر چه دل بغمش داده ام چو می نگرم
Дарин муомила бе ҷони ғам ту мағбунаст
درین معامله بی جان غم تو مغبونست
На длстон чўтў бошад ҳронкаҳи никўрўст
نه دلستان چوتو باشد هرآنکه نیکوروست
На мастии орад чун май ҳрончаҳи мигўнст
نه مستی آرد چون می هرآنچه میگونست
Касе ки ҳар ду ҷаҳон малик ӯстгар розӣ аст
کسی که هر دو جهان ملک اوست گر راضی است
Дилаш бидӯни ту эй дӯст ҳимматаш дунаст
دلش بدون تو ای دوست همتش دونست
БлтФ аз ҳамаи хубони зиёдӣ ки туро
بلطف از همه خوبان زیادی که ترا
Ҷамоли маънӣ аз ҳасан сӯрат афзӯнаст
جمال معنی از حسن صورت افزونست
Бъҳди ҳасани ту танҳо на ман шудам мафтӯн
بعهد حسن تو تنها نه من شدم مفتون
Ки брҷмоли ту имрӯз фитна мафтӯнаст
که برجمال تو امروز فتنه مفتونست
Аҷаби мушоҳида рӯй ту чигуна буд
عجب مشاهده روی تو چگونه بود
Ки дидани саги Кувайт бФол маймунаст
که دیدن سگ کویت بفال میمونست
Бнўбти ту ки Лайлӣ вақте он оқил
بنوبت تو که لیلی وقتی آن عاقل
Ки брҷмоли ту вола нагашт маҷнӯнаст
که برجمال تو واله نگشت مجنونست
Баҳр ки ӯ ғами ман мехўрдҳмӣ гӯям
بهر که او غم من می خوردهمی گویم
Агар турои дили софӣ втбъ мавзунаст
اگر ترا دل صافی وطبع موزونست
Рақиби ту втрои ман бшър ром кунам
رقیب تو وترا من بشعر رام کنم
Ки ром кардани деви вприи боФсўнст
که رام کردن دیو وپری بافسونست
Чу барканор фитод азтўи сайфи фарғонӣ
چو برکنار فتاد ازتو سیف فرغانی
Азоби дида ( худ ) дар миён Ҷайҳунаст
ازآب دیده (خود) در میان جیحونست
Азу бипурс ки даст аз дилам наме дорад
ازو بپرس که دست از دلم نمی دارد
Змн мапурс ки дар даст ӯ дилат чунаст
زمن مپرس که در دست او دلت چونست