Ёри ман хусрави хубон влбш ширинаст
یار من خسرو خوبان ولبش شیرینست
Хабараш нест ки Фарҳоди вай ин мискинаст
خبرش نیست که فرهاد وی این مسکینست
Накунам рӯи турш ар тез шавад каз лаб ӯ
نکنم رو ترش ار تیز شود کز لب او
Сухани талх чу ҷон дар дил ман ширинаст
سخن تلخ چو جان در دل من شیرینست
Дид хуршеди Рахши вази сари инсофи бмоаҳ
دید خورشید رخش وز سر انصاف بماه
Гуфт ман соя ӯ будам вхўршид инаст
گفت من سایه او بودم وخورشید اینست
Бо рух ӯ ки дар ӯ сӯрат худ натавон дид
با رخ او که در او صورت خود نتوان دید
Ҳарки дар оина ӣӣ менигарад худ байнаст
هرکه در آینه یی می نگرد خود بینست
Пой дар бистар роҳат накунам вази ғам ӯ
پای در بستر راحت نکنم وز غم او
Шаби нхсбм ки марои дарди сар аз болинаст
شب نخسبم که مرا درد سر از بالینست
Хори меҳраш чу баровард сар аз пой касе
خار مهرش چو برآورد سر از پای کسی
Рӯйиш аз хӯни ҷигар чун рух гул рангинаст
رویش از خون جگر چون رخ گل رنگینست
Длстон тар набӯд аз шикани турра ӯ
دلستان تر نبود از شکن طره او
Он хами втоб ки дар гесуии ҳўролъинст
آن خم وتاب که در گیسوی حورالعینست
Дар раҳи ишқ ки аз ҳар дўҷҳонсти бурун
در ره عشق که از هر دوجهانست برون
?дане эй дӯст змн рафт всхни дрдинст
دنیی ای دوست زمن رفت وسخن دردینست
Гар касе моҳ надидаст ки хандид онаст
گر کسی ماه ندیدست که خندید آنست
Врксӣ сарв надидаст ки рафтаст инаст
ورکسی سرو ندیدست که رفتست اینست
Сайфи фарғонӣ то азтў сухан ме гуяд
سیف فرغانی تا ازتو سخن می گوید
Мурғи рӯҳ аз суханаши тӯтӣ шукр чинаст
مرغ روح از سخنش طوطی شکر چینست