Моҳи ду ҳафтаро набӯд нур рӯй дӯст

ماه دو هفته را نبود نور روی دوست

Боғи шукуфтаро набӯд рангу буии дӯст

باغ شکفته را نبود رنگ و بوی دوست

Бо ҳоҷён шаҳр нишинем ва карда ем

با حاجیان شهر نشینیم و کرده ایم

Каъбаи зи кӯии дилбару қиблаи з рӯй дӯст

کعبه ز کوی دلبر و قبله ز روی دوست

Ҳркўи з худ нараст науфтад бдоми ёр

هرکو ز خود نرست نیفتد بدام یار

Ҳар кӯи з худ нарафт наёяд бкўии дӯст

هر کو ز خود نرفت نیاید بکوی دوست

Ёрб ту рӯй дӯсти бад-ӣни ошиқони намо

یارب تو روی دوست بدین عاشقان نما

Кини ҷамъ мондаанд парешон чу мӯии дӯст

کین جمع مانده اند پریشان چو موی دوست

Бар ёд рӯй дӯсти дили худ ҳаме кунанд

بر یاد روی دوست دل خود همی کنند

Хуррам чу рӯй дилбару хуши ҳамчуи хуии дӯст

خرم چو روی دلبر و خوش همچو خوی دوست

Гар пеши дили чароғи зи хуршед ва ма кунӣ

گر پیش دل چراغ ز خورشید و مه کنی

Бе шамъи ишқи раҳи набарди дили басӯии дӯст

بی شمع عشق ره نبرد دل بسوی دوست

Касро бғир ӯ басӯи ӯ далел нест

کس را بغیر او بسوی او دلیل نیست

Ҳон то бъқл худ накунӣ ҷусту ҷӯии дӯст

هان تا بعقل خود نکنی جست و جوی دوست

Бошад ғазали туро на магари васфи ҳасани ёр

باشد غزل ترا نه مگر وصف حسن یار

Бошад сухани фасона магар гуфту гӯии дӯст

باشد سخن فسانه مگر گفت و گوی دوست

Бар рӯй рӯзгор чу чизе наёфтам

بر روی روزگار چو چیزی نیافتم

То башиканам бдидни он орзӯии дӯст

تا بشکنم بدیدن آن آرزوی دوست

Манзил ббоғ кардаму айёми хеш ро

منزل بباغ کردم و ایام خویش را

Бо сарву гули ҳамеи гузаронами ббўии дӯст

با سرو و گل همی گذرانم ببوی دوست

Бо рӯзгори сайф ғамаш кард ончӣ кард

با روزگار سیف غمش کرد آنچه کرد

Шодии брўзгори гадоёни кӯии дӯст

شادی بروزگار گدایان کوی دوست