Чу бигузашт аз ғами дунёи бғФлти рӯзгори ту

چو بگذشت از غم دنیا بغفلت روزگار تو

Дар он ғифлати ббии корӣ бшб шуд рӯзи кори ту

در آن غفلت ببی‌کاری بشب شد روزِ کار تو

Чу умри ту бензади тест беқимат , наме доне

چو عمر تو بنزد تست بی قیمت، نمی دانی

Ки ҳар соъат шаб қадараст андари рӯзгори ту

که هر ساعت شب قدرست اندر روزگار تو

Чаҳ рӯбаҳи ҳилаҳосозӣ зи баҳри сайди ъўонӣ

چه روبه حیله‌ها سازی ز بهر صید عوانی

Ту мурдории хурӣ онгаҳ ки саг бошад шикори ту

تو مرداری خوری آنگه که سگ باشد شکار تو

Ту ҳамчун гурбаи онҷое ки он золим наад хуоне

تو همچون گربه آنجایی که آن ظالم نهد خوانی

Магар сирӣ намедонад саги мурдори хори ту ?

مگر سیری نمی داند سگ مردار خوار تو؟

Таомаши лаҳми хнзирст ва чун обаши хурӣ шояд

طعامش لحم خنزیرست و چون آبش خوری شاید

з беноне агар аз ҳад гузаштаст изтирори ту

ز بی نانی اگر از حد گذشتست اضطرار تو

зи бемории музавварҳои чун кшкоб ме созад

ز بیماری مزورهای چون کشکاب می سازد

зи баҳри марги ҷони худ дили прҳизкори ту

ز بهر مرگ جان خود دل پرهیزکار تو

Ту бедору ва беқӯт наёбӣ зини марази сиҳҳат

تو بی دارو و بی قوت نیابی زین مرض صحت

Бимиради андарин иллати дили бемори зори ту

بمیرد اندرین علت دل بیمار زار تو

Туро зон сим май бояд ки дар кори худии доим

ترا زان سیم می باید که در کار خودی دایم

Чу кор ӯ кунӣ ҳаргиз наёяд зари бакори ту

چو کار او کنی هرگز نیاید زر بکار تو

зи ҳақи безорӣ ар бошад сӯии халқи илтифоти ту

ز حق بیزاری ار باشد سوی خلق التفات تو

Задин дарвешӣ ар бошад бадунёи ифтихори ту

زدین درویشی ار باشد بدنیا افتخار تو

Зари тоъати барии онҷо ки ихлосӣ дар он набӯд

زر طاعت بری آنجا که اخلاصی در آن نبود

Басӣ бар ту шикасти оради дуруст кам айёри ту

بسی بر تو شکست آرد درست کم عیار تو

зи нақди қалб бар мардуми замини ҳашар танг ояд

ز نقد قلب بر مردم زمین حشر تنگ آید

Бсҳрои қиёмат дар чу бигушоӣанд бори ту

بصحرای قیامت در چو بگشایند بار تو

Куҷо пӯшида хоҳад монад афъолат дар он ҳазрат

کجا پوشیده خواهد ماند افعالت در آن حضرت

Ки яксонаст назд ӯ ниҳону ошкори ту

که یکسانست نزد او نهان و آشکار تو

Чу товусии ту дар дунё ва дар уқбо , куҷо монад

چو طاووسی تو در دنیا و در عقبی، کجا ماند

Сияҳи поеи ту пинҳони бибол чуннигор ту

سیه پایی تو پنهان ببال چون نگار تو

Бҷомаҳи қолаби худро мунаққаш мекунӣ то шуд

بجامه قالب خود را منقش می کنی تا شد

Такаллуфҳои бе маънии ту сӯратнигор ту

تکلفهای بی معنی تو صورت نگار تو

Бад-ӣни сармояи хушнӯдӣ ки аз дунёи сӯии уқбо

بدین سرمایه خشنودی که از دنیا سوی عقبی

Бихоҳӣ рафту розии неи зи ту парвардгори ту

بخواهی رفت و راضی نی ز تو پروردگار تو

Азин сират наме тарсӣ ки фардо гуядат эзад

ازین سیرت نمی ترسی که فردا گویدت ایزد

Ки ту муздури шайтонӣу дӯзахи музди кори ту

که تو مزدور شیطانی و دوزخ مزد کار تو