Шунидам ман ки андари моҳи Нитсаон

شنیدم من که اندر ماهِ نیسان

Садаф боло равад аз қаъри Аммон

صدف بالا رود از قعرِ عمّان

зи шеби қаър баҳр ояд броФроз

ز شیبِ قعرِ بحر آید برافراز

Ба рӯй баҳр биншинад даҳани боз

به روی بحر بنشیند دهن باز

Бухорӣ муртафаъ гардад зи дарё

بخاری مرتفع گردد ز دریا

Фурӯи борад ба амри ҳақи таъолӣ

فرو بارد به امر حقّ تعالیٰ

Чакад андари даҳонаш қатрае чанд

چکد اندر دهانش قطره‌ای چند

Шавад бастаи даҳон ӯ ба сад банд

شود بسته دهانِ او به صد بند

Равад бо қаъри дарё бо дилии пар

رود با قعر دریا با دلی پر

Шавад он қатраи борони яке дар

شود آن قطرهٔ باران یکی دُرّ

Ба қаър андар равад ғаввоси дарё

به قعر اندر رود غوّاصِ دریا

Аз он оради буруни лؤлؤии лоло

از آن آرد برون لؤلؤی لالا

Тани ту соҳил ва ҳастӣ чу дарёст

تن تو ساحل و هستی چو دریاست

Бухораши файзу борони илми асмост

بخارش فیض و باران علمِ اسماست

Хиради ғаввоси он баҳр азим аст

خرد غوّاصِ آن بحرِ عظیم است

Ки ӯро сад ҷавоҳир дар гилӣм аст

که او را صد جواهر در گلیم است

Дил омад илмро монанди як зарф

دل آمد علم را مانند یک ظرف

Садаф бо илми дил савтаст бо ҳарф

صدف با علمِ دل صوت است با حرف

Нафас гардад равон чун барқи ломъ

نفَس گردد روان چون برقِ لامع

Расад зу ҳарфҳо бо гӯши сомъ

رسد زو حرفها بر گوشِ سامع

Садаф башикан бурун кун дар шҳўор

صدف بشکن برون کن دُرِّ شهوار

Бияфкан пӯсти мағз нағз бурдор

بیفکن پوست، مغزِ نغز بردار

Луғат бо иштиқоқу наҳв бо сарф

لغت با اشتقاق و نحو با صرف

Ҳаме гардад ҳамаи пиромни ҳарф

همی‌ گردد همه پیرامنِ حرف

Ҳар он кӯи ҷумлаи умри худ дар ин кард

هر آن کو جمله عمرِ خود در این کرد

Ба ҳарзаи сарфи умр нозанин кард

به هرزه صرفِ عمرِ نازنین کرد

зи ҷўзши қишр сабз афтод дар даст

ز جوزش قشرِ سبز افتاد در دست

Наёбади мағз ҳар кӯ пӯст нишкаст

نیابد مغز هر کو پوست نشکست

Балӣ бепӯст нопухтааст ҳар мағз

بلی بی پوست ناپخته است هر مغز

зи илм зоҳир омад илми дайни нағз

ز علمِ ظاهر آمد علمِ دین نغز

зи ман ҷони бародари панди бниўш

ز من جانِ برادر پند بنیوش

Ба ҷон ва дил бирав дар илм дайн кӯш

به جان و دل برو در علمِ دین کوش

Ки олам дар ду олам сарварӣ ёфт

که عالِم در دو عالَم سروَری یافت

Агар кеҳтари бад аз вай меҳтарӣ ёфт

اگر کِهتر بُد از وی مِهتری یافت

Амали кон аз сар аҳвол бошад

عمل کان از سرِ احوال باشد

Басии беҳтари зи илм қол бошад

بسی بهتر ز علمِ قال باشد

Вале корӣ ки аз об ва гул ояд

ولی کاری که از آب و گِل آید

На чун илмаст кони кор аз дил ояд

نه چون علم است، کان کار از دل آید

Миёни ҷисм ва ҷон бингар чаҳ фарқ аст

میان جسم و جان بنگر چه فرق است

Ки инро ғарбгирӣ он чу шарқ аст

که این را غرب گیری، آن چو شرق است

Аз ӣнҷои бози дони аҳволу аъмол

از اینجا باز دان احوال و اعمال

Ба нисбат бо улӯми қол бо ҳол

به نسبت با علومِ قال با حال

На илмаст онкӣ дорад майли ?дане

نه علم است آنکه دارد میلِ دنیی

Ки сӯрат дорад аммо нест маънӣ

که صورت دارد امّا نیست معنی

Нагардад илми ҳаргизи ҷамъ бо оз

نگردد علم هرگز جمع با آز

Малики хоҳии саг аз худ давр андоз

مَلَک خواهی سگ از خود دور انداز

Улӯми дайни зи ахлоқ фиришта аст

علومِ دین ز اخلاقِ فرشته است

Набошад дар дилии кӯи саг сиришт аст

نباشد در دلی کو سگ‌سرشت است

Ҳадиси Мустафои охир ҳамин аст

حدیثِ مصطفی آخر همین است

Накӯ бишинав ки албата чунин аст

نکو بشنو که البتّه چنین است

Даруни хонае чун ҳаст сӯрат

درونِ خانه‌ای چون هست صورت

Фиришта ноед андари ваии зарурат

فرشته ناید اندر وی ضرورت

Бирав бизадой рӯй таҳтаи дил

برو بِزدای روی تختهٔ دل

Ки то созад малики пеши ту манзил

که تا سازد مَلَک پیش تو منزل

Аз ӯ таҳсил кун илми виросат

از او تحصیل کن علمِ وراثت

зи баҳр охират мекун ҳрост

ز بهر آخرت می‌کن حراثت

Китоб ҳақ бихон аз нафасу офоқ

کتابِ حقّ بخوان از نفس و آفاق

Музайяни шӯ ба асли ҷумлаи ахлоқ

مزیّن شو به اصلِ جمله اخلاق