Чун муҳаққиқ шуд ки идрок ҳастӣ ҷузвии кули ҳстиҳоро зарурӣаст бибояд донист ки вқтҳо идрок ҳастӣ куллӣ мазҳару ойинаи идроки ҷузвӣ буд ва ин мақом маърифатаст . Нас : аввалами икФи брбку аллоҳи нури алсмоўоту аларз ва ман урф нафса Фқди урфи рабаи мубини ин мақомаст . Ва гоҳи акси ин буд ки мақом илмаст . Ва оёт : снриҳми оётнои фии алоФоқу фии анФскми аФлои тнсрўни мубини ин мақомаст . Балки бештари оёти танзилу ахбору осор дар ин қисм воридаст , аз онкӣ ба аФҳом ақрбасту мусталзими идрок идрокаст , ки ҳикмати беъсати русул ва анбиёаст . Ончунон ки баён карда шавад . Анмои анати музаккар , куллан анҳо тазкира .
چون محقق شد که ادراک هستی جزوی کل هستیها را ضروری است بباید دانست که وقتها ادراک هستی کلی مظهر و آئینه ادراک جزوی بود و این مقام معرفت است. نص: اولم یکف بربک و اللّه نور السماوات و الارض و من عرف نفسه فقد عرف ربه مبین این مقام است. و گاه عکس این بود که مقام علم است.و آیات: سنریهم آیاتنا فی الآفاق و فی انفسکم افلا تنصرون مبین این مقام است. بلکه بیشتر آیات تنزیل و اخبار و آثار در این قسم وارد است، از آنکه به افهام اقرب است و مستلزم ادراک ادراک است، که حکمت بعثت رسل و انبیا است. آنچنان که بیان کرده شود. انما انت مذکر، کلا انها تذکرة.
Ҳақиқат - нафаси идроки фитрӣ яъне маърифати басити қобил тафаккур нест , ки таҳсили ҳосил маҳоласт , балки тафаккури ҳиҷоби он мигрдд ва аз ин ҷиҳат фармуд : лоттФкрўои фии зоти аллоҳ , балки маҳали тафаккури идрок идрокаст бавоситаи оёту бад-ӣни сабаби тафаккурро ба оёт ҳавола фармуд ки :у итФкрўни фии халқи алсмоўоту аларз . Қул анзрўои мозои фии алсмоўоту аларз .
حقیقت- نفس ادراک فطری یعنی معرفت بسیط قابل تفکر نیست، که تحصیل حاصل محال است، بلکه تفکر حجاب آن میگردد و از این جهت فرمود: لاتتفکروا فی ذات اللّه، بلکه محل تفکر ادراک ادراک است بواسطۀ آیات و بدین سبب تفکر را به آیات حواله فرمود که: و یتفکرون فی خلق السماوات و الارض. قل انظروا ماذا فی السماوات و الارض.
Ҳақиқат - идроки фитрии ҷузъӣ яъне маърифати ғайри идрок идрокаст , яъне илмӣ ки он баситаст ва ин мураккаб :у ?териеами инзрўни алик ва ҳам лои ибсрўн .
حقیقت- ادراک فطری جزئی یعنی معرفت غیر ادراک ادراک است، یعنی علمی که آن بسیط است و این مرکب: و تریهم ینظرون الیک و هم لا یبصرون.
Қоида - сабабу ҳикмати таквину эҷод ба истилоҳи тайифау таҷаллӣоту шуҳудоту зуҳӯрот ба истилоҳи ин қавми зуҳӯри ртбти вуҷӯди идрок идрокаст , аз онкии идроки басит фитрӣасту таҳсили ҳосили маҳол ,у ғараз ва ғоят онаст ки сувари куллӣ ки дар нафаси вуҷӯд мркўзаст бавоситаи ҳавос ки ба мсобти оӣинҳонди сувари ҷзўётро мутобиқ гардад ,у идроки дувум ҳосил шавад ,у натоиҷи ҷузъиёт ки дар муқаддамоти болқўҳонд ба феъл оянду эътирофи ҷавориҳу истиқомат ҳосил гардад . Воқми вҷҳки ллдини ҳниФои фитрати аллоҳи алтии Фтролноси алайҳо ишорат аст бидон ,у илми алиқин ба мартабаи айни алиқину ҳақ алиқин расад , ва аз ин ҷиҳат дар танзили амр ба фикри внзру тазаккури мукаррар вмўкдасту мутафаккири мамдуҳ : қул анзрўои мозои фии алсмоўоти волорз .
قاعده- سبب و حکمت تکوین و ایجاد به اصطلاح طایفه و تجلیات و شهودات و ظهورات به اصطلاح این قوم ظهور رتبت وجود ادراک ادراک است، از آنکه ادراک بسیط فطری است و تحصیل حاصل محال، و غرض و غایت آنست که صور کلی که در نفس وجود مرکوز است بواسطۀ حواس که به مثابت آئینهاند صور جزویات را مطابق گردد، و ادراک دوم حاصل شود،و نتایج جزئیات که در مقدمات بالقوهاند به فعل آیند و اعتراف جوارح و استقامت حاصل گردد. واقم وجهک للدین حنیفا فطرت اللّه التی فطرالناس علیها اشارت است بدان، و علم الیقین به مرتبۀ عین الیقین و حق الیقین رسد، و از این جهت در تنزیل امر به فکر ونظر و تذکر مکرر وموکد است و متفکر ممدوح: قل انظروا ماذا فی السماوات والارض.
Фоида - маноти таклифу мавриди ҳукми идрок идрокаст на идроки басит : ё аиҳоолзини омнўои омнўо .
فایده- مناط تکلیف و مورد حکم ادراک ادراک است نه ادراک بسیط: یا ایهاالذین آمنوا آمنوا.
Фоида - дигари зиёдату нуқсони имон балки ҳақиқати имон ки тасдиқаст на тасаввури муҷаррад , ҳамчунон дар ин мақом буд : лиздодўои аимонои маъаи аимонҳм .
فایده - دیگر زیادت و نقصان ایمان بلکه حقیقت ایمان که تصدیق است نه تصور مجرد، همچنان در این مقام بود: لیزدادوا ایمانا مع ایمانهم.
Ҳақиқат - маҳали ғалату маҳоли залоли ҳамин идрок идрокаст , ки нисбати вуҷӯд бо адам , яъне зуҳӯр дар мазоҳир , маҳали умӯри адамӣ ва эътиборӣаст , чунонкӣ дар тамсили сӯрат ва ойина гуфта шавад ва ихтилофамаму шуъаби мазоҳибу ҷаҳли мураккаб аз ин мақомаст :у азои зкрўои лоизкрўн ,у ихтилофро ба идроки фитрӣ роҳ нест : кони анноси ИМАи воҳидаи Фбъси аллоҳи алнабӣин мубашширин ва мунзарину анзли мъҳми алкитоби болҳқи лиҳкми байни анноси Фимои ахтлФўои фӣа .
حقیقت- محل غلط و محال ضلال همین ادراک ادراک است، که نسبت وجود با عدم، یعنی ظهور در مظاهر، محل امور عدمی و اعتباری است، چنانکه در تمثیل صورت و آئینه گفته شود و اختلاف امم و شعب مذاهب و جهل مرکب از این مقام است: و اذا ذکروا لایذکرون، و اختلاف را به ادراک فطری راه نیست: کان الناس امة واحدة فبعث اللّه النبیین مبشرین و منذرین و انزل معهم الکتاب بالحق لیحکم بین الناس فیما اختلفوا فیه.
Тамсил - чун оташ дар сангу оҳан ,у мивау дарахт дар дона ,у об дар замину сафо дар оҳан , илму имон дар нуфуси мркўзонд ,у ихроҷи онро асбобаст , ойинаи илми ҷуз тазаккур нест :у лақади лисрнои алқуръони ллзкр , Фҳли ман мдкр .
تمثیل- چون آتش در سنگ و آهن، و میوه و درخت در دانه، و آب در زمین و صفا در آهن، علم و ایمان در نفوس مرکوزاند، و اخراج آن را اسباب است، آئینۀ علم جز تذکر نیست: و لقد لیسرنا القرآن للذکر، فهل من مدکر.
Ҳақиқат - он чунонкии нафаси идрок ки маърифатаст муқтазии ибодоти изтирорӣу раҳмат омаст , идроки идрок ки илмаст мусталзими ибодоти ихтиёрӣу сайри вслўку раҳмат хосаст : ва мо хилқати алҷну алонси алолиъбдўн .
حقیقت- آن چنانکه نفس ادراک که معرفت است مقتضی عبادات اضطراری و رحمت عام است، ادراک ادراک که علم است مستلزم عبادات اختیاری و سیر وسلوک و رحمت خاص است: و ما خلقت الجن و الانس الالیعبدون.
Фоида - мазҳари ин раҳмат ҳамчунон мазҳари раҳмат омаст ки : болмؤмнини рؤФи раҳим .
فایده- مظهر این رحمت همچنان مظهر رحمت عام است که: بالمؤمنین رؤف رحیم.
Ҳақиқат - мбдоءи ин навъ аз касрат , ибодату баъд адамӣаст ки таъзими амр нисбӣаст , ки касрат мтҳққ нагардад алобдин ва ин нисбат ба яқин , ки мақом ваҳдатасту кашфи ҳақиқӣ , соқити мигрдд : воъбди рбк ҳатто ётики алиқин .
حقیقت- مبداء این نوع از کثرت، عبادت و بعد عدمی است که تعظیم امر نسبی است،که کثرت متحقق نگردد الابدین و این نسبت به یقین، که مقام وحدت است و کشف حقیقی، ساقط میگردد: واعبد ربک حتی یاتیک الیقین.
Ҳақиқат - восили комил дар вақти астғроқи мақоми маърифат агар ба илми пардозад , ки аз раҳгузари ҳавоси дохилӣу хориҷии ҳосили мишўд , маҳҷӯб гардад : лнтароне влокни анзри илои алҷбл .
حقیقت- واصل کامل در وقت استغراق مقام معرفت اگر به علم پردازد، که از رهگذر حواس داخلی و خارجی حاصل میشود، محجوب گردد: لن ترانی ولاکن انظر الی الجبل.
Фаръ - чун мтнзл шавад ҷиҳати иршоду такмил ба ҳасби мартабаи камоли висол ба оёт нузул кунад , аъло манзил ӯ ояти кубро буду баёни виҷдони он ҷуз ба тариқи иҷмол мумкин нашавад : Фоўҳии илои абдаи мооўҳӣ .
فرع- چون متنزل شود جهت ارشاد و تکمیل به حسب مرتبۀ کمال وصال به آیات نزول کند، اعلی منزل او آیت کبری بود و بیان وجدان آن جز به طریق اجمال ممکن نشود: فاوحی الی عبده مااوحی.
Ҳақиқат - ғояти илми аънии идроки идроки адам идрокаст , чаҳ мадраки ҳақиқӣ ғайримутаноҳӣаст ,у илми мутаноҳӣ , ва ин адами идроки идрокӣ буд бе идроки идрок ,у идроки адами идрок дар ин Машҳади ҳайрату астғроқи мадрак буд дар мадрак , ва аз он ваҷҳ ки бо адам идрокаст ба ҷаҳл ва ғифлат монаду соҳиби ин ҳол аз ин ваҷҳ мастур гардад :у тҳсбҳми аиқозои ваҳми рқўд .
حقیقت- غایت علم اعنی ادراک ادراک عدم ادراک است، چه مدرک حقیقی غیرمتناهی است، و علم متناهی، و این عدم ادراک ادراکی بود بی ادراک ادراک، و ادراک عدم ادراک در این مشهد حیرت و استغراق مدرک بود در مدرک، و از آن وجه که با عدم ادراک است به جهل و غفلت ماند و صاحب این حال از این وجه مستور گردد: و تحسبهم ایقاظا وهم رقود.
Сиррии нозук - баъд аз ин ҳоли насаб ки аз мақоми касрату ширк хФӣаст муртафаъ гардад , вФнои мадрак ,у идрок дар мадрак , он чунон ки ҳаст зоҳир шавад ,у тбдли аларзи ғайриаларзи явми нтўии алсмоءи ктии алсҷли ллктб , бо лавозими он аз интишори кавокибу ткўири офтобу ғайри он ҳол ҳосил гардад ,у Нидои ҳақиқии азалӣу абадӣ ба гӯши ҳуш беҳушӣ солик ояд ки : лмни алмалики алиўм ? ва аз халаи Фноءи ҳақиқии сдоӣии хезад ки : ллаҳи алвоҳади алқҳор .
سری نازک- بعد از این حال نسب که از مقام کثرت و شرک خفی است مرتفع گردد، وفنای مدرک، و ادراک در مدرک، آن چنان که هست ظاهر شود، و تبدل الارض غیرالارض یوم نطوی السماء کطی السجل للکتب، با لوازم آن از انتشار کواکب و تکویر آفتاب و غیر آن حال حاصل گردد، و ندای حقیقی ازلی و ابدی به گوش هوش بی هوشی سالک آید که: لمن الملک الیوم؟ و از خلاء فناء حقیقی صدائی خیزد که: للّه الواحد القهار.
Тамсил - ақлро идроки ин шуҳуд ба мсобти маҳсусот ҳиссӣаст , ба нисбат бо ҳиссии дигар , ё чун акмаҳаст ба нисбат бо алвон , ва ё табиати номавзун ба нисбат бо мавзуноти табиӣ , чун шеъру усӯли мусиқӣ . Аз онкии тасарруф ӯ ба воситаи нисбатҳои хФиаҳаст азошхосу анвоъи куллиёт , ва ин ҷумлаи умӯр нисбӣаст ва аз олам халқаст ,у идроки олами амру рой инаст , ФкиФи идроки молики халқи вомр , ки аз ин ҷумла муназзаҳаст ? : алои ?лаи алхлқу аламр , табораки аллоҳи раби Алъоламин .
تمثیل- عقل را ادراک این شهود به مثابت محسوسات حسی است، به نسبت با حسی دیگر، یا چون اکمه است به نسبت با الوان، و یا طبیعت ناموزون به نسبت با موزونات طبیعی، چون شعر و اصول موسیقی. از آنکه تصرف او به واسطۀ نسبتهای خفیه است ازاشخاص و انواع کلیات، و این جمله امور نسبی است و از عالم خلق است، و ادراک عالم امر و رای این است، فکیف ادراک مالک خلق وامر، که از این جمله منزه است؟:الا له الخلق و الامر، تبارک اللّه رب العالمین.
Рамз - аз тнгноӣии ин мақомаст ки : лоисънии фӣаи малики муқаррабу лои набӣ мурсал фармуд , луи атлъти алайҳим лўлит манеҳам Фроро ва лмлӣт манеҳам ръбо .
رمز- از تنگنائی این مقام است که: لایسعنی فیه ملک مقرب و لا نبی مرسل فرمود، لو اطلعت علیهم لولیت منهم فرارا و لملئت منهم رعبا.
Рамзии нозук - камоли набувват аз рӯй набувват ба касратаст : фонии абоҳии бкми аломми явми алқёмаҳу таҳаққуқи вилоят дар ваҳдат ки : лоисънии фӣаи малики муқарраб , ва агарчӣ қӯти набувват ба ҳасби қӯт вилоятаст , ки нур ӯ ба мсобти нури қамар аз офтоб ки он набувватаст мстФодаст , лекини мухолифати азўҷаҳи ваҳдат ва касратаст ки : втрии алшмси азои талъати тзоўри ани кҳФҳми зоти алимину азои ғурбати тқрзҳми зоти алшмол .
رمزی نازک- کمال نبوت از روی نبوت به کثرت است: فانی اباهی بکم الامم یوم القیامة و تحقق ولایت در وحدت که: لایسعنی فیه ملک مقرب، و اگرچه قوت نبوت به حسب قوت ولایت است، که نور او به مثابت نور قمر از آفتاب که آن نبوت است مستفاد است، لیکن مخالفت ازوجه وحدت و کثرت است که: وتری الشمس اذا طلعت تزاور عن کهفهم ذات الیمین و اذا غربت تقرضهم ذات الشمال.
Нукта - мбдоءи вилояти ғайринабӣ набувватасту мбдоءи набуввати набии вилоят : қул ани кантами тҳбўни аллоҳи Фотбъўнӣ .
نکته- مبداء ولایت غیرنبی نبوت است و مبداء نبوت نبی ولایت: قل ان کنتم تحبون اللّه فاتبعونی.
Дақиқа - бошад ки вале ғайри набӣ аз хосияти мтобът ба мақомӣ бирасад ки аз вилояти набии бадв файз расад ,у атҳодтои ғоятии анҷомад ки набӣ аз ваҷҳи набуввати маҳз дар баъзе умӯри тобеъ вай шавад , ва ба ҳақиқати мтобът худ карда бошад дар мартабаи дувуму ҳинӣзи исботи мухолифат дар ғайри набуввати хотами алнабӣин ( с ) иттифоқ уфтад : ҳилли атбъки алии ани тълмни ммои илмати ршдо , ҳозои фироқи бинӣу бинк .
دقیقه- باشد که ولی غیر نبی از خاصیت متابعت به مقامی برسد که از ولایت نبی بدو فیض رسد، و اتحادتا غایتی انجامد که نبی از وجه نبوت محض در بعضی امور تابع وی شود، و به حقیقت متابعت خود کرده باشد در مرتبۀ دوم و حینئذ اثبات مخالفت در غیر نبوت خاتم النبیین (ص) اتفاق افتد: هل اتبعک علی ان تعلمن مما علمت رشدا، هذا فراق بینی و بینک.
Дақиқа - аз съти доираи зуҳӯри хотами алнабӣин ( с ) ки мазҳари исм арраҳмонаст ва он ғояти камоли набуввату сафоӣ мазҳарятаст , вилояти том ба зуҳӯр омад , то ҷомеъи мухолифоти доираи туруқи гашти всъодт дар мтобъти аўслии аллоҳи алайҳу силам мунҳасир шуду сӯрати мухолифат дар иҷтиҳодот ва аҳком омад ,у усӯл бар як асос қарор гирифту муҷтаҳиди аҳком агарчӣ мхтӣ буд мсиби гашт : ва мо арслноки алорҳмаҳи ллъолмин .
دقیقه- از سعت دایرۀ ظهور خاتم النبیین (ص) که مظهر اسم الرحمن است و آن غایت کمال نبوت و صفای مظهریت است، ولایت تام به ظهور آمد، تا جامع مخالفات دایرۀ طرق گشت وسعادت در متابعت اوصلی اللّه علیه و سلم منحصر شد و صورت مخالفت در اجتهادات و احکام آمد، و اصول بر یک اساس قرار گرفت و مجتهد احکام اگرچه مخطی بود مصیب گشت: و ما ارسلناک الارحمة للعالمین.
Дақиқа - чун орифи бад-ӣни мақом мтҳққ гардад , яъне аз вилоят бе воситаи дайгарии астФозт нур кунад , акнӯн аз муршиди хориҷӣ мустағнӣ гардад , ки тасарруфи хориҷии ҷиҳати риёзат нафасасту сифати нафаси ориф онаст ки фармуд : вклбҳми бости зроъиаҳи болўсид . Ва дигари муршид аз барои далолату ҳидоят ва сулӯкасту ҳоли орифи залолу ҳайрат дар мақом беибср ва беинтқаст , ва ман излли аллоҳи Флни тҷдлаҳи влёи мршдо .
دقیقه- چون عارف بدین مقام متحقق گردد، یعنی از ولایت بی واسطۀ دیگری استفاضت نور کند، اکنون از مرشد خارجی مستغنی گردد، که تصرف خارجی جهت ریاضت نفس است و صفت نفس عارف آن است که فرمود: وکلبهم باسط ذراعیه بالوصید. و دیگر مرشد از برای دلالت و هدایت و سلوک است و حال عارف ضلال و حیرت در مقام بی یبصر و بی ینطق است، و من یضلل اللّه فلن تجدله ولیا مرشدا.
Сиррии нозук - идроки идрок , бинобари ғалабаи бутун аз шиддати зуҳӯри мсмоост ба зоҳиру ҳақ ,у идроки адами идроки бинобари ғалабаи зуҳӯр аз шиддати бутун мсмоаст ба ботину халқ . Ҳўолоўлу алохру аззоҳиру алботн .
سری نازک- ادراک ادراک، بنابر غلبۀ بطون از شدت ظهور مسمااست به ظاهر و حق، و ادراک عدم ادراک بنابر غلبۀ ظهور از شدت بطون مسما است به باطن و خلق. هوالاول و الآخر و الظاهر و الباطن.
Срср - зуҳӯр вуҷӯдӣаст ,у вуҷӯдии айн вуҷӯдаст ки ғайри ҷузи адам ва адамӣ нест ,у адамии ҳам чунон айн адамаст ки востҳои миёни вуҷӯд въдм нест , ва зоҳрўҷўдӣасту ботини адамӣ , пас ончӣ ба назд маҳҷӯб халқаст дар воқеъ ҳақаст ки бар ваии маҳҷӯбӣу махлуқӣ мумтанеъаст : валлоҳи ғолиби алии амра .
سرسر- ظهور وجودی است، و وجودی عین وجود است که غیر جز عدم و عدمی نیست، و عدمی هم چنان عین عدم است که واسطهای میان وجود وعدم نیست، و ظاهروجودی است و باطن عدمی، پس آنچه به نزد محجوب خلق است در واقع حق است که بر وی محجوبی و مخلوقی ممتنع است: واللّه غالب علی امره.
Ҳақиқат - изҳор зоҳир кард ва ӯ зоҳиртараст аз ҳар зоҳир ,у ахФоӣ ботин кард , ваов ботин тараст аз ҳар ботин , ки зуҳӯру бутун ӯ ҳақиқатаст , ба хилофи зуҳӯри зоҳиру бутуни ботин , пас ӯ зуҳӯри зоҳир буду бутуни ботину зуҳӯру бутун дар ҳақиқат муттаҳиданд . أолаҳ , маъаи аллоҳ .
حقیقت- اظهار ظاهر کرد و او ظاهرتر است از هر ظاهر، و اخفای باطن کرد، واو باطن تر است از هر باطن، که ظهور و بطون او حقیقت است، به خلاف ظهور ظاهر و بطون باطن، پس او ظهور ظاهر بود و بطون باطن و ظهور و بطون در حقیقت متحداند. أاله، مع اللّه.
Фоида - банно бар онкии сӯрати зоҳир ҳар зоҳир ба вуҷӯдаст , вҳстии зоҳиртар ҳар зоҳираст , пас ҳастӣ ӯ нисбат ба ҳстиҳои аввал ва ботинаст ,у нисбат ба зуҳӯри худаш зоҳиру охир . Ҳўолоўлу алохру аззоҳиру алботн .
فایدة- بنا بر آنکه صورت ظاهر هر ظاهر به وجود است، وهستی ظاهرتر هر ظاهر است، پس هستی او نسبت به هستیها اول و باطن است، و نسبت به ظهور خودش ظاهر و آخر. هوالاول و الآخر و الظاهر و الباطن.
Ҳақиқат - зуҳӯру қиёми мафҳум ҳар як аз аввали вохру зоҳир ва ботин бидон дигараст ки мтзоиФоннд , балки зоҳири айн ботинаст , чун эътибори бутуни кнндўи ботини айн зоҳираст , чун эътибор зуҳӯр кунанд вдрҳўит ки мсмоӣ ҳавост ғояти антмоси тааюноти ҳиссӣу ваҳмӣу хаёлӣ ва ақлӣаст ,у қоҳири маҷмӯи тааюнот мутаноҳӣасту ҳўолқоҳри фавқи ибода .
حقیقت- ظهور و قیام مفهوم هر یک از اول وآخر و ظاهر و باطن بدان دیگر است که متضایفانند، بلکه ظاهر عین باطن است، چون اعتبار بطون کنندو باطن عین ظاهر است، چون اعتبار ظهور کنند ودرهویت که مسمای هواست غایت انطماس تعینات حسی و وهمی و خیالی و عقلی است، و قاهر مجموع تعینات متناهی است و هوالقاهر فوق عباده.
Ҳқиқаҳи алҳқоиқ - ҳў ба ҳақиқати ҳувиятиро сазовораст ки мстФод аз ғайру муғойир вуҷӯд нест . Ҳар зотро ки ҳувият аз ғайр буд ё муғойир вуҷӯд бошад лаззотаи ҳў ҳў набӯд , бали ҳўи лғираҳ буд : ҳўоллаҳи алзии лои илоҳи алои ҳў .
حقیقة الحقایق- هو به حقیقت هویتی را سزاوار است که مستفاد از غیر و مغایر وجود نیست. هر ذات را که هویت از غیر بود یا مغایر وجود باشد لذاته هو هو نبود، بل هو لغیره بود: هواللّه الذی لا اله الا هو.
Нукта - ду чшмҳои ҳўи ҷомеъи ду мафҳуми навъи зот ва афъоласт , бинҳмои барзахи лоибғёни аънии алсФот . Чун ба исми зот ки лафз аллоҳаст пайвандади як чашм гардаду нисбату азоФт муртафаъ шавад : қул аллоҳи сами зарраам .
نکته- دو چشمهای هو جامع دو مفهوم نوع ذات و افعال است، بینهما برزخ لایبغیان اعنی الصفات. چون به اسم ذات که لفظ اللّه است پیوندد یک چشم گردد و نسبت و اضافت مرتفع شود: قل اللّه ثم ذرهم.
Латифа - ҳақиқати ҳувияти ғайби пўшидҳтр буд аз мафҳуми зоҳиру ботину аввалу охир , ва аз ин ҷиҳати баъд аз ин сифот хатм фармуд ба ҳў , ки : вҳўи бакули шеи алӣам .
لطیفة- حقیقت هویت غیب پوشیدهتر بود از مفهوم ظاهر و باطن و اول و آخر، و از این جهت بعد از این صفات ختم فرمود به هو، که: وهو بکل شیی علیم.
Танбеҳ - ончии мафҳуми ин дарвешаст аз ин оят агар навишта шавад зоҳирро зиёдат аз як муҷаллад ояд : қул луи кони албҳри мидоди алклмоти рабии лнФди албҳр қабл ани тнФди калимоти рабӣ .
تنبیه- آنچه مفهوم این درویش است از این آیت اگر نوشته شود ظاهر را زیادت از یک مجلد آید: قل لو کان البحر مداد الکلمات ربی لنفد البحر قبل ان تنفد کلمات ربی.
Ҳақиқат - зоҳиру ботину аввалу охир , чун ҳар як аз ғалабаи зуҳӯр таназзул кард ба феъл , аз зуҳӯру бутун , олами ғайбу шаҳодату дунёу охирати зоҳири гашту ваҷҳи нисбати ин ду исм бо мбдоء , мазҳари сифоти мутақобили гашт , чун : ризоу ғазабу лутфи вқҳру қабзу баст ва аз шоибаҳи таъаллуқ ба феъл , маъбар шуд ба тадбири сифоти ҷамолӣу ҷалолӣ : табораки исми рбки зии алҷлолу алокром . Ва он ваҷҳи дигари аънии зуҳӯр дар феъл тасмия ёфт ба нуру зулмату имону куфру рӯҳу ҷасад : халқи аламуту алҳаёт , вҷъли алзлмоту алнўр .
حقیقت- ظاهر و باطن و اول و آخر، چون هر یک از غلبۀ ظهور تنزل کرد به فعل، از ظهور و بطون، عالم غیب و شهادت و دنیا و آخرت ظاهر گشت و وجه نسبت این دو اسم با مبداء، مظهر صفات متقابل گشت، چون:رضا و غضب و لطف وقهر و قبض و بسط و از شایبۀ تعلق به فعل، معبر شد به تدبیر صفات جمالی و جلالی: تبارک اسم ربک ذی الجلال و الاکرام. و آن وجه دیگر اعنی ظهور در فعل تسمیه یافت به نور و ظلمت و ایمان و کفر و روح و جسد: خلق الموت و الحیات، وجعل الظلمات و النور.
Ҳақиқат - дар мазҳари куллӣ ки нуқтаи охирин муҳӣти маротиб вуҷӯдаст - он чунонкии туро равшан гардад - ҳар ду ваҷҳи брўФқи нуқтаи аввали муҷтамаъи гашт ки мураккаб буд аз ғояти сФли марказ ва улувва муҳӣти аънии унсури хокӣу рӯҳи изофӣ , ва аз ин сабаби масҷудӣу хилофатро сазовор омад :у илми одами алосмоءи кулҳо ва мо мнъки ани тсҷди лмои хилқати бедӣ .
حقیقت- در مظهر کلی که نقطۀ آخرین محیط مراتب وجود است- آن چنانکه ترا روشن گردد- هر دو وجه بروفق نقطۀ اول مجتمع گشت که مرکب بود از غایت سفل مرکز و علو محیط اعنی عنصر خاکی و روح اضافی، و از این سبب مسجودی و خلافت را سزاوار آمد: و علم آدم الاسماء کلها و ما منعک ان تسجد لما خلقت بیدی.
Хотима - зуҳӯри ин камоли ягонагӣ ӯ буд ки хатми навъ охиринаст . Мақсӯд изҳораст аз онкии иллати ғоӣӣ ба вуҷӯди зеҳнӣ мутақаддимаст ва ба вуҷӯди хориҷии мтأхр ки : нҳни алохрўни алсобқўн .
خاتمه- ظهور این کمال یگانگی او بود که ختم نوع آخرین است. مقصود اظهار است از آنکه علت غائی به وجود ذهنی متقدم است و به وجود خارجی متأخر که: نحن الآخرون السابقون.