зи зулфи ту ҷон чун шавад фориғ оянд
ز زلف تو جان چون شود فارغ آیند
Ки ҳар риштае бар ришта Эй ҳаст пайванд
که هر رشتهای بر رشتهای هست پیوند
Ба тирии зи мижгони навози ин дилам ро
به تیری ز مژگان نواز این دلم را
Аз он чашми сҳори ин ҷавр то чанд
از آن چشم سحار این جور تا چند
Шукргар мукаррар кунад номи худ ро
شکر گر مکرر کند نام خود را
Шукр ханда бинмо аз он лаб ба кули қанд
شکر خنده بنما از آن لب به کل قند
Кушоди дил аз зулфи дил банд туаст
گشاد دل از زلف دل بند توست
Сипорем мо ҳам дили худ ба дилбанд
سپاریم ما هم دل خود به دلبند
Мабодои дил аз дарди доғи ту холӣ
مبادا دل از درد داغ تو خالی
Казин дарду доғи сет пайваста хурсанд
کزین درد و داغست پیوسته خرسند
Ҷунуни варзи шоҳидигар ошиқии ту
جنون ورز شاهدی گر عاشقی تو
Ки девонагӣ нест кори хирадманд
که دیوانگی نیست کار خردمند