Дил бе ғами ту чаро нишинад

دل بی غم تو چرا نشیند

Ҷузи дили ғами ту куҷо нишинад

جز دل غم تو کجا نشیند

Гардӣ ки зи наъл мураккабат хост

گردی که ز نعل مرکبت خاست

Дар дида чу тўтё нишинад

در دیده چو توتیا نشیند

Аз баҳри ғубори хоки Кувайт

از بهر غبار خاک کویت

Дил бар гузарӣ ҳаво нишинад

دل بر گذری هوا نشیند

Сарвам чу канори об ҷӯ дид

سروم چو کنار آب جو دید

Бар гӯшаи чашм мо нишинад

بر گوشه چشم ما نشیند

Чун дард ту шуд давои дилҳо

چون درد تو شد دوای دلها

Бе дарди дилам куҷо нишинад

بی درد دلم کجا نشیند

Болои ту чун балоӣ ҷон аст

بالای تو چون بلای جان است

Биншин ки дамӣ бало нишинад

بنشین که دمی بلا نشیند

Чу сарви ту шоҳидии надорӣ

چو سرو تو شاهدی نداری

Бо ишқ бигӯ з по нишинад

با عشق بگو ز پا نشیند