Ҳаркаси гирифтаи домани сарви баланди хеш

هرکس گرفته دامن سرو بلند خویش

Моиему гӯшаеу дили дардманди хеш

ماییم و گوشه‌ای و دل دردمند خویش

Зоҳид ба кӯй офиятам менамӯд роҳ

زاهد به کوی عافیتم می‌نمود راه

Рӯй ту дид , гашти пушаймони зи панди хеш

روی تو دید، گشت پشیمان ز پند خویش

То нешикар шикаста нашуд ком аз ӯ наёфт

تا نیشکر شکسته نشد کام از او نیافت

Дар вай касе расад ки бар ояд зи банди хеш

در وی کسی رسد که بر آید ز بند خویش

Дар роҳи интизори ту чашмам сифед шуд

در راه انتظار تو چشمم سفید شد

Охири ғуборӣ аз раҳи сами саманди хеш

آخر غباری از ره سم سمند خویش

Шоҳии зи ғуломи тест , зи кӯии худаш марон

شاهی ز غلام تست، ز کوی خودش مران

Ханҷари макаш бар оҳӯии сар дар каманди хеш

خنجر مکش بر آهوی سر در کمند خویش