Ҳар касе паҳлавии ёрӣ ба ҳавои дили хеш

هر کسی پهلوی یاری به هوای دل خویش

Мо гирифтор ба доғи дил бе ҳосили хеш

ما گرفتار به داغ دل بی‌حاصل خویش

Чанд байнами сӯии хубону дил аз дасти даҳум

چند بینم سوی خوبان و دل از دست دهم

Вақт онаст ки дастии бунаам бар дили хеш

وقت آنست که دستی بنهم بر دل خویش

Рӯзгории сари ман хок дарат манзил дошт

روزگاری سر من خاک درت منزل داشت

Гар буд умр , расми боз ба сари манзили хеш

گر بود عمر، رسم باز به سر منزل خویش

Корам аз зулфи ту дарҳам шуд ва мушкил инаст

کارم از زلف تو درهم شد و مشکل اینست

Ки кушодан натавон пеш касе мушкили хеш

که گشادن نتوان پیش کسی مشکل خویش

Дили зи андешаи ту боз наёяд ба ҷафо

دل ز اندیشه تو باز نیاید به جفا

Туу бедод ва ману орзӯии ботили хеш

تو و بیداد و من و آرزوی باطل خویش

Дами охири сӯии мо байн , ки шаҳидони туро

دم آخر سوی ما بین، که شهیدان ترا

Шарт бошад бҳлӣ хостан аз қотили хеш

شرط باشد بحلی خواستن از قاتل خویش

Шоҳӣ , афтода ба хок дар ӯ хуш ме бош

شاهی، افتاده به خاک در او خوش می‌باش

Саги гӯйӣ , ки диҳад ҷои ту дар маҳфили хеш

سگ گویی، که دهد جای تو در محفل خویش