Мо ҷони бтмнои ту дар бим ниҳодем

ما جان بتمنای تو در بیم نهادیم

Чун теғ кашидӣ , сар таслим ниҳодем

چون تیغ کشیدی، سر تسلیم نهادیم

Пайкони ту чун аз дил маҷрӯҳ кашидем

پیکان تو چون از دل مجروح کشیدیم

Сад бӯса бар он аз пай таъзим ниҳодем

صد بوسه بر آن از پی تعظیم نهادیم

зи устоди азали ишқ батон ёди гирифтем

ز استاد ازل عشق بتان یاد گرفتیم

Ангушт чу бар таҳта таълим ниҳодем

انگشت چو بر تخته تعلیم نهادیم

Аз фикри ҷаҳони фориғ ва озод нишастем

از فکر جهان فارغ و آزاد نشستیم

То пой дар ин вартаи пар бим ниҳодем

تا پای در این ورطه پر بیم نهادیم

Ҳар чанд дунемаст зи ҳиҷрати дили шоҳӣ

هر چند دونیم است ز هجرت دل شاهی

Бози ой ки мо ҷумла ба як ним ниҳодем

باز آی که ما جمله به یک نیم نهادیم