эй ки дар базми тараби ҷоми дамодам май занӣ
ای که در بزم طرب جام دمادم میزنی
Хӯни дили нохӯрда чанд аз ошиқии дам май занӣ ?
خون دل ناخورده چند از عاشقی دم میزنی؟
Зойеъи он нозӣ ки бо аҳл тнъм ме кунӣ
ضایع آن نازی که با اهل تنعم میکنی
Ҳайф аз он тирӣ ки бар дилҳои беғам май занӣ
حیف از آن تیری که بر دلهای بیغم میزنی
Боз кун аз хоби нози он наргиси раъно ки умр
باز کن از خواب ناز آن نرگس رعنا که عمر
намеравад чун даври гул , то чашм бар ҳам май занӣ
میرود چون دور گل، تا چشم بر هم میزنی
Май гушойии туррау дилҳо ба ғорат май барӣ
میگشایی طره و دلها به غارت میبری
Май намоеи чеҳрау оташ ба олам май занӣ
مینمایی چهره و آتش به عالم میزنی
намекунӣ маҳрӯм аз ин дар шоҳии дармонда ро
میکنی محروم از این در شاهی درمانده را
Дасти рад бар синаи ёрони муҳаррам май занӣ
دست رد بر سینه یاران محرم میزنی