Чу сабзатарат аз барг ёсамин бархест

چو سبزه ترت از برگ یاسمین برخاست

Ҳазор фитнаи бқсди дил аз камӣн бархест

هزار فتنه بقصد دل از کمین برخاست

Дилами хаёли даҳонат чу дар замир оварад

دلم خیال دهانت چو در ضمیر آورد

Хурӯши бихўдӣ аз ақли хурда байн бархест

خروش بیخودی از عقل خرده بین برخاست

Чу ғунча рӯй намӯд аз ниқоби зангорӣ

چو غنچه روی نمود از نقاب زنگاری

зи булбулони чамани нола ҳазин бархест

ز بلبلان چمن ناله حزین برخاست

Бадӯри чашми ту бемор шуд чунон наргис

بدور چشم تو بیمار شد چنان نرگس

Ки такя зад бъсо ва онгаҳ аз замин бархест

که تکیه زد بعصا و آنگه از زمین برخاست

Чу мутриб аз сухани шоҳии ин ғазал бархонад

چو مطرب از سخن شاهی این غزل برخواند

зи сокинони фалаки бонг офарин бархест

ز ساکنان فلک بانگ آفرین برخاست