Мурӣди пери хуморам ки дорад ин чунин перӣ
مرید پیر خمارم که دارد این چنین پیری
Ғуломи ҳиммати ишқам ки дорад ин чунин мерай
غلام همت عشقم که دارد این چنین میری
Ба малики ?данеу уқбои харидами кунҷи майхона
به ملک دنیی و عقبی خریدم کنج میخانه
Азин савдо ки ман кардам ҷаҳонӣ ёфт тавфирӣ
ازین سودا که من کردم جهانی یافت توفیری
Агар ринди хроботм ки хами бода май нӯшам
اگر رند خراباتم که خم باده می نوشم
На кам шуд ҷуръае зи он май на ман гаштам аз ӯ сирӣ
نه کم شد جرعه ای ز آن می نه من گشتم از او سیری
зи ҷоми ваҳдати соқии мудомами масти лоиъқл
ز جام وحدت ساقی مدامم مست لایعقل
Ҳарифонро чу худ созам нахоҳам кард тақсирӣ
حریفان را چو خود سازم نخواهم کرد تقصیری
зи дасти ишқи ақл мо нахоҳад барад ҷон донам
ز دست عشق عقل ما نخواهد برد جان دانم
Куҷо ёбад халоси охири заъиф аз панҷаи ширӣ
کجا یابد خلاص آخر ضعیف از پنجهٔ شیری
Биё эй мутриби ушшоқу соз бенаво бинавоз
بیا ای مطرب عشاق و ساز بینوا بنواز
Ки мо мастем ва ту соқӣ , макун охири ту таъхирӣ
که ما مستیم و تو ساقی ، مکن آخر تو تأخیری
Тариқи неъмати аллоҳи рӯ ки ёбии зуди мақсӯдат
طریق نعمت الله رو که یابی زود مقصودت
Ки ғайр аз роҳ ӯ дигари наёбади оқибати перӣ
که غیر از راه او دیگر نیابد عاقبت پیری