Дар ҳар дилӣ ки меҳри ҷамол ҳабиб нест

در هر دلی که مهر جمال حبیب نیست

Гар ҷон оламаст ки бо мо қариб нест

گر جان عالم است که با ما قریب نیست

Гўӣии рақиб бар сари кӯяш муҷовир аст

گوئی رقیب بر سر کویش مجاور است

Лутф ҳабиб ҳаст ғамӣ аз рақиб нест

لطف حبیب هست غمی از رقیب نیست

Дардии дарди нӯшам ва бо дарди дили хушам

دُردی درد نوشم و با درد دل خوشم

Дардам давост ҳоҷати хоҷа табиб нест

دردم دواست حاجت خواجه طبیب نیست

Булбули хатиби маҷлиси гулзори мо буд

بلبل خطیب مجلس گلزار ما بُود

Моро ҳавои воъизу бонг хатиб нест

ما را هوای واعظ و بانگ خطیب نیست

Ҳар қатрае ки дар назари мо гузар кунад

هر قطره ای که در نظر ما گذر کند

Чун нек бингарем змо бенасиб нест

چون نیک بنگریم زما بی نصیب نیست

Зуннор зулф ӯст ки бастем бар миён

زُنار زلف اوست که بستیم بر میان

Дар дили хаёли хирқау майл салиб нест

در دل خیال خرقه و میل صلیب نیست

Баҳрӣаст табъи Сайиди пар дар шоҳвор

بحریست طبع سید پر دُر شاهوار

Гар дар сухани гуҳари бФшонд ғариб нест

گر در سخن گهر بفشاند غریب نیست