То ки савдои хаёлаш дар сувидо ҷо гирифт
تا که سودای خیالش در سُویدا جا گرفت
Чун сари зулфаши вуҷӯдами мӯ ба мӯ савдо гирифт
چون سر زلفش وجودم مو به مو سودا گرفت
Аз балои ишқи он боло наме нолими мо
از بلای عشق آن بالا نمی نالیم ما
Мбтлоӣим аз балои ин кори мо боло гирифт
مبتلائیم از بلا این کار ما بالا گرفت
Мавҷ дарё мерасад моро ба дарё ме кашад
موج دریا می رسد ما را به دریا می کشد
Ихтиёрӣ нест моро кӣ буд бар мо гирифт
اختیاری نیست ما را کی بود بر ما گرفت
Ошиқ мастем агар гуфтеми аноолҳқ давр нест
عاشق مستیم اگر گفتیم اناالحق دور نیست
Марди оқил кӣ гунаҳ бар ошиқ шайдо гирифт
مرد عاقل کی گنه بر عاشق شیدا گرفت
Дар хароботи Муғони хуши гӯша Эй бигрифта ем
در خرابات مغان خوش گوشه ای بگرفته ایم
Гар бақои хоҳии ҳамин ҷо боядат мأўо гирифт
گر بقا خواهی همین جا بایدت مأوا گرفت
Оби чашми мо ба ҳар сӯи рӯ ниҳода ме равад
آب چشم ما به هر سو رو نهاده می رود
Лоҷарами оби вуҷӯди мо ҳама дарё гирифт
لاجرم آب وجود ما همه دریا گرفت
Ҳар касе дастӣ зада бар домани соҳибдилӣ
هر کسی دستی زده بر دامن صاحبدلی
Неъмати аллоҳи домани яктоӣ беҳамто гирифт
نعمت الله دامن یکتای بی همتا گرفت