Сайиди мо бар дараш мأўо гирифт
سید ما بر درش مأوا گرفت
Гӯшае дар ҷинат алмأўо гирифт
گوشه ای در جنت المأوا گرفت
Хотири мо дар хароботи Муғон
خاطر ما در خرابات مغان
Хуш мақомӣ ёфт онҷо ҷо гирифт
خوش مقامی یافت آنجا جا گرفت
Мбтлоӣим аз балои ишқ ӯ
مبتلائیم از بلای عشق او
Зон балои ин кори мо боло гирифт
زان بلا این کار ما بالا گرفت
Оби чашми мо ба ҳар сӯ шуд равон
آب چشم ما به هر سو شد روان
Сӯ ба сӯии мо ҳама дарё гирифт
سو به سوی ما همه دریا گرفت
Ақл рафту ёр махмурӣ гузид
عقل رفت و یار مخموری گزید
Ишқ сармаст омад ва моро гирифт
عشق سرمست آمد و ما را گرفت
Ҳарчӣ мегўӣим мегуяд бигӯ
هرچه می گوئیم می گوید بگو
Дайгариро кӣ расад бар мо гирифт
دیگری را کی رسد بر ما گرفت
Неъмати аллоҳи сар ба пой ӯ ниҳод
نعمت الله سر به پای او نهاد
Даст ӯ яктоӣ беҳамто гирифт
دست او یکتای بی همتا گرفت