Оби чашмами дам ба дам аз дил ривоят ме кунад
آب چشمم دم به دم از دل روایت میکند
Қиссаи ҷонам ба сӯзи дил ҳикоят ме кунад
قصهٔ جانم به سوز دل حکایت میکند
Ошиқ мастему ақл аз хона берун карда ем
عاشق مستیم و عقل از خانه بیرون کردهایم
Дар ба дар мегардад ва аз мо шикоят ме кунад
در به در میگردد و از ما شکایت میکند
Даст мо бигирифт он султон ва моро барграфт
دست ما بگرفت آن سلطان و ما را برگرفت
Подшоҳи одил ва моро ҳимоят ме кунад
پادشاه عادل و ما را حمایت میکند
Дар азали бнўохти моро ҳамчунонӣ то абад
در ازل بنواخت ما را همچنانی تا ابد
Лутф ӯ пайваста ё мо ин аноят ме кунад
لطف او پیوسته یا ما این عنایت میکند
Пери мо ишқаст ва даъват мекунад моро ба май
پیر ما عشق است و دعوت میکند ما را به می
Муршид ишқасту иршод ва ҳидоят ме кунад
مرشد عشق است و ارشاد و هدایت میکند
Шоҳи мо соқии михўорони базм ваҳдат аст
شاه ما ساقی میخواران بزم وحدت است
Ошиқонаи риндро некӯ риоят ме кунад
عاشقانه رند را نیکو رعایت میکند
Мутриби ушшоқи мо мастона мегуяд сурӯд
مطرب عشاق ما مستانه میگوید سرود
Неъмати аллоҳи ин ғазал аз вай ривоят ме кунад
نعمت الله این غزل از وی روایت میکند