Маънии якеу сӯрат ӯ дар зуҳӯри сад
معنی یکی و صورت او در ظهور صد
Чаҳ ҷой ӯ ки сӯрат ӯ ҳаст бе адад
چه جای او که صورت او هست بی عدد
Ойина бешумору намояндааш яке
آئینه بی شمار و نماینده اش یکی
Бошад сифот беҳаду зотш буд аҳад
باشد صفات بی حد و ذاتش بود احد
Кҳоли ҳозиқии талаб эй ақли бўолФзўл
کحال حاذقی طلب ای عقل بوالفضول
То чашми равшан ту кунад пок аз Ромад
تا چشم روشن تو کند پاک از رمد
Муҳтоҷи мости олам ва мо бениёз аз ӯ
محتاج ماست عالم و ما بی نیاز از او
Бо ғайраши эҳтиёҷ куҷо бошад он самад
با غیرش احتیاج کجا باشد آن صمد
Мо чун набӣему ҳамдами ноӣии лутф ӯ
ما چون نبییم و همدم نائی لطف او
Ҳар дами дамии ҷадиди дарин неи ҳамеи дамад
هر دم دمی جدید درین نی همی دمد
Дар доми мо даройад ва дона хӯрд зи мо
در دام ما درآید و دانه خورد ز ما
Мурғӣ каз ошиёнаи тавҳид бар пурд
مرغی کز آشیانه توحید بر پرد
Сайид ки мейри маҷлиси мисатон олам аст
سید که میر مجلس مستان عالم است
Бо мо ҳариф бошад аз ин ҷом ме хӯрд
با ما حریف باشد از این جام می خورد