Ғунча дар гулистон табассум кард

غنچه در گلستان تبسم کرد

Булбул аз завқи он тараннум кард

بلبل از ذوق آن ترنم کرد

Соқии маст май ба риндон дод

ساقی مست می به رندان داد

Оқил аз ишқи ақлро гум кард

عاقل از عشق عقل را گم کرد

Чашм мо шуд мунаввар аз рӯйиш

چشم ما شد منور از رویش

Назарии хуш ба чашм мардум кард

نظری خوش به چشم مردم کرد

Хотирам мекашад ба майхона

خاطرم می کشد به میخانه

Ин чунин азми дил мусаммам кард

این چنین عزم دل مصمم کرد

Хуши хаёлӣ ба хоб ме дидам

خوش خیالی به خواب می دیدم

Дӯш то рӯзи дил тнъм кард

دوش تا روز دل تنعم کرد

Ақли болоншини маҷлис буд

عقل بالانشین مجلس بود

Ишқ омад бар ӯ тақаддум кард

عشق آمد بر او تقدم کرد

Хам май хуши хушӣ ба ҷӯш омад

خم می خوش خوشی به جوش آمد

Сайиди масти майли он хам кард

سید مست میل آن خم کرد