Алиф ва мему маърифати гуфтем

الف و میم و معرفت گفتیم

Гавҳари маърифат накӯ сифтем

گوهر معرفت نکو سفتیم

Соқии мо аноятӣ фармуд

ساقی ما عنایتی فرمود

Май хмхонаҳро ба мо паймӯд

می خمخانه را به ما پیمود

Онкии ҳам нозираст ва ҳам манзур

آنکه هم ناظر است و هم منظور

Нур чашмаст ва аз назари манзур

نور چشم است و از نظر منظور

Дар ҳама оина намӯда ҷамол

در همه آینه نموده جمال

Оина равшанаст хуш ба камол

آینه روشنست خوش به کمال

Ҳастӣ ва ҳар чаҳ ҳаст бе ӯ нест

هستی و هر چه هست بی او نیست

Вари ту гўӣӣ ки ҳаст некӯ нест

ور تو گوئی که هست نیکو نیست

Ба тааюни яке ҳазор намӯд

به تعیُن یکی هزار نمود

Бетааюн яке тавонад буд

بی تعین یکی تواند بود

Ба вуҷӯданд ин ва он мавҷӯд

به وجودند این و آن موجود

Бевуҷӯд эй азиз натавон буд

بی وجود ای عزیز نتوان بود

Ҳар чаҳ мавҷӯд буд аз ашё

هر چه موجود بود از اشیا

Ҳама бошанд мазҳари асмо

همه باشند مظهر اسما

Аз мсмии ту исмро май ҷӯ

از مسمی تو اسم را می جو

Мавҷу дарё ба айни мо май ҷӯ

موج و دریا به عین ما می جو

Исм ва айнасту рӯҳу ҷисми чаҳор

اسم و عین است و روح و جسم چهار

Зилли як зот бошад он ночор

ظل یک ذات باشد آن ناچار

Исми аъзам талаб кун аз комил

اسم اعظم طلب کن از کامل

Зон ки комил буд бидон восил

زان که کامل بود بدان واصل