Ба дили дузади нигоҳати синаҳо ро
به دل دوزد نگاهت سینهها را
Ба гул гирад рахти ойӣнаҳо ро
به گل گیرد رخت آیینهها را
Баҳори синаи софӣ бехазон тар
بهار سینهصافی بیخزانتر
зи дили рўбди ғубори кӣнаҳо ро
ز دل روبد غبار کینهها را
Биёи зоҳид ки масти саҷдаи ёбӣ
بیا زاهد که مست سجده یابی
Ба пои хами шаби одинаҳо ро
به پای خُم شب آدینهها را
Нахустин гоми сар бояд ниҳодан
نخستین گام سر باید نهادن
Ки боло меравад ин зинаҳо ро
که بالا میرود این زینهها را
Асири даври гирдам ме тавонам
اسیر دور گردم میتوانم
Ки номаҳрам кунам деринаҳо ро
که نامحرم کنم دیرینهها را