Дар домати он ғубор ки бар бол ва пар нишаст

در دامت آن غبار که بر بال و پر نشست

Шуд тўтёии бениш ва дар чашм тар нишаст

شد توتیای بینش و در چشم تر نشست

Субҳаши навиди давлат бедор ме диҳад

صبحش نوید دولت بیدار می دهد

Хуршеди толеъӣ ки шабӣ бештар нишаст

خورشید طالعی که شبی بیشتر نشست

Парвонаи чароғи дили равшан ман аст

پروانه چراغ دل روشن من است

Шабҳои интизори ту нақш саҳар нишаст

شبهای انتظار تو نقش سحر نشست

Парвоз андалеб чакад аз ғубори ман

پرواز عندلیب چکد از غبار من

Нақши шксгтими зи гул бештар нишаст

نقش شکسگتیم ز گل بیشتر نشست

Назора буд нави сафари ошён ки боз

نظاره بود نو سفر آشیان که باز

Омад зи гулшани дил ва дар чашм тар нишаст

آمد ز گلشن دل و در چشم تر نشست

Шавқами гул ҳамеша баҳор диласт асир

شوقم گل همیشه بهار دل است اسیر

Дар дидаи ёр аз ҳамаи кас пештар нишаст

در دیده یار از همه کس پیشتر نشست