зи бскаҳи гардиши чашми ту дидаи масти маро
ز بسکه گردش چشم تو دیده مست مرا
зи дили рабӯда ба ғайр аз ту ҳар чаҳ ҳаст маро
ز دل ربوده به غیر از تو هر چه هست مرا
зи хоксории худ дар тилисми оромам
ز خاکساری خود در طلسم آرامم
намерасад чу ғубори офати шикасти маро
نمی رسد چو غبار آفت شکست مرا
Абас чаҳ миннати дарюзаи баҳори кашам
عبث چه منت دریوزه بهار کشم
Ки хӯни обила гул мекунад ба дасти маро
که خون آبله گل می کند به دست مرا
намешиносамат эй фитна ҷӯ наме донам
نمی شناسمت ای فتنه جو نمی دانم
Куҷои шинохтаи он чашм май парасти маро
کجا شناخته آن چشم می پرست مرا
Асир дод дили ҳарза гирд ме додам
اسیر داد دل هرزه گرد می دادم
Ҷунун ба ҳалқаи занҷири фикри басти маро
جنون به حلقه زنجیر فکر بست مرا