Дил соф мекунад зи кудурати аёғи субҳ
دل صاف می کند ز کدورت ایاغ صبح
То афканди сиёҳии шабро зи доғи субҳ
تا افکند سیاهی شب را ز داغ صبح
То осмони зи акси қадаҳи гул шукуфта аст
تا آسمان ز عکس قدح گل شکفته است
Рангин тараст маҷлиси мисатони зи боғи субҳ
رنگین تر است مجلس مستان ز باغ صبح
Во шуд дилами зи файзи сабӯҳӣ дар ин баҳор
وا شد دلم ز فیض صبوحی در این بهار
Ошуфтагӣ ба хоб набинад димоғи субҳ
آشفتگی به خواب نبیند دماغ صبح
Хоҳам шабӣ ки масти шароб ҷунун шудам
خواهم شبی که مست شراب جنون شدم
Хандам ба рӯй соғару гирами суроғи субҳ
خندم به روی ساغر و گیرم سراغ صبح
Мастии хоби бештар аз нашъа фаност
مستی خواب بیشتر از نشئه فناست
Шаби тира рӯз гашта зи дӯди чароғи субҳ
شب تیره روز گشته ز دود چراغ صبح
Сӯзади зи рашки маҷлисами имшаби дили асир
سوزد ز رشک مجلسم امشب دل اسیر
Минои фатилаи сохта аз баҳри доғи субҳ
مینا فتیله ساخته از بهر داغ صبح