Ба лаби ҳрдми зи шодии шукри ин савдо наме гунҷад

به لب هردم ز شادی شُکر این سودا نمی‌گنجد

Ки дар доми тағофули ғайри сайд мо наме гунҷад

که در دام تغافل غیر صید ما نمی‌گنجد

Тарози навбаҳори ъушрати мо чун ки сарсабз аст

طراز نوبهار عشرت ما چون که سرسبز است

Гул нашаву намо дар ҷайби нахл мо наме гунҷад

گل نشو و نما در جیب نخل ما نمی‌گنجد

Дар ойини вафои лаби ташнаи завқи шаҳодат ро

در آیین وفا لب تشنه ذوق شهادت را

Ба гӯш бе қарории ваъда фардо наме гунҷад

به گوش بی‌قراری وعده فردا نمی‌گنجد

Марои дониста аз ҷоми тағофул маст ме созад

مرا دانسته از جام تغافل مست می‌سازد

Ки дар зарфи ҳарифони ҷӯши ин мино наме гунҷад

که در ظرف حریفان جوش این مینا نمی‌گنجد

зи завқи нисбати тбхолаҳи бемори ишқ ӯ

ز ذوق نسبت تبخاله بیمار عشق او

Ҳубоб аз бас ба худ болид дар дарё наме гунҷад

حباب از بس به خود بالید در دریا نمی‌گنجد

зи баси дилҳои сахт аз кӣнаи равшандилон пар шуд

ز بس دل‌های سخت از کینهٔ روشندلان پر شد

Шарор аз танагии ҷо дар дил хоро наме гунҷад

شرار از تنگی جا در دل خارا نمی‌گنجد