Кӣ дили калиди роз ба дасти забони супурд
کی دل کلید راز به دست زبان سپرد
Баҳри гуҳар ба мавҷи куҷо ме тавон супурд
بحر گهر به موج کجا می توان سپرد
Дӯдаст гирди ҳамлаи мо дар набарди хасм
دود است گرد حمله ما در نبرد خصم
Оташ занад ба маърака чун дили Аннани супурд
آتش زند به معرکه چون دل عنان سپرد
Ҷон ме тавон супурд ба як рӯй дил вале
جان می توان سپرد به یک روی دل ولی
Кӣ рози дӯстон ба касе ме тавон супурд
کی راز دوستان به کسی می توان سپرد
Саҳрои зи пораи дил бе эътибори мо
صحرا ز پاره دل بی اعتبار ما
Гавҳар ба кӣса кард ва ба реги равони супурд
گوهر به کیسه کرد و به ریگ روان سپرد
Ҳайрат ба дида дод муҳаббат ба дили асир
حیرت به دیده داد محبت به دل اسیر
Гавҳар ба баҳр доду ҷавоҳир ба кони супурд
گوهر به بحر داد و جواهر به کان سپرد