Тарки ғамат аз куштан ва бастан натавон кард

ترک غمت از کشتن و بستن نتوان کرد

Ин тавба ба умед шикастан натавон кард

این توبه به امید شکستن نتوان کرد

Ҳар сояи мижгони ту сайёд Ғаззолӣ аст

هر سایه مژگان تو صیاد غزالی است

Дар дидаи мо серума ҷустан натавон кард

در دیده ما سرمه جستن نتوان کرد

Бархестаи ашкам ба сафи орои мижгон

برخاسته اشکم به صف آرایی مژگان

Дар базми ту таклиф нишастан натавон кард

در بزم تو تکلیف نشستن نتوان کرد

То зуҳди асири ту қадаҳи нӯши баромад

تا زهد اسیر تو قدح نوش برآمد

Ҷузи замзамаи тавба шикастан натавон кард

جز زمزمه توبه شکستن نتوان کرد