Гурехтам ки ба гирди раҳи ту кас нарасад
گریختم که به گرد ره تو کس نرسد
Гудохтам ки ба ойӣнаи ?ут нафас нарасад
گداختم که به آیینه ات نفس نرسد
Ба ғунча аз гули ҳамроҳии сабо чаҳ расед ?
به غنچه از گل همراهی صبا چه رسید؟
Касе ба коми дил аз саъии ҳеҷ кас нарасад
کسی به کام دل از سعی هیچ کس نرسد
Баҳори сӯхтагиро тароват дигар аст
بهار سوختگی را طراوت دگر است
Агар чаҳ гули чамани оро буд ба хас нарасад
اگر چه گل چمن آرا بود به خس نرسد
Ба шоҳроҳи вафои номи шиква кас нишнид
به شاهراه وفا نام شکوه کس نشنید
Чаҳ шуд ки нола ба дарди дил ҷарас нарасад
چه شد که ناله به درد دل جرس نرسد
Агар чаҳ саҳни гулистони тилисми об ва ҳавост
اگر چه صحن گلستان طلسم آب و هواست
Ба гирди гӯша бетӯша қафас нарасад
به گرد گوشه بی توشه قفس نرسد
Сапанди ашк ба оташ фишон ба гулшани дил
سپند اشک به آتش فشان به گلشن دل
Ки офатӣ ба самарҳои пишрс нарасад
که آفتی به ثمرهای پیشرس نرسد
Асири ҷазбаи ишқ аз ҳавои мадори тамаъ
اسیر جذبه عشق از هوا مدار طمع
Ки файзи боли ҳумо аз пар магас нарасад
که فیض بال هما از پر مگس نرسد