Олам аз ҷилваи ту хуррам шуд
عالم از جلوه تو خرم شد
Сояи гули офтоб шабнам шуд
سایه گل آفتاب شبنم شد
Дўргрдм ба қурб май нозам
دورگردم به قرب می نازم
Ҳар ки бегонаи гашт муҳаррам шуд
هر که بیگانه گشت محرم شد
Заҳр бегонагӣ чашид ва намурда
زهر بیگانگی چشید و نمرد
Булҳаваси рафтаи рафта одам шуд
بوالهوس رفته رفته آدم شد
Ишқи ойӣна мол намост
عشق آیینه مآل نماست
Шодӣ аз ихтилоти мо ғам шуд
شادی از اختلاط ما غم شد
Дар замони ман ва ту меҳру вафо
در زمان من و تو مهر و وفا
Беш аз беш шуд кам аз кам шуд
بیش از بیش شد کم از کم شد
Хунбҳоии асири ташна лаб аст
خونبهای اسیر تشنه لب است
Соғарӣ каз лаби ту замзам шуд
ساغری کز لب تو زمزم شد