зи хуии саркашии дил дар бар умед май рақсад
ز خوی سرکشی دل در بر امّید میرقصد
Ки дар базмаши дил ҳар зарра бо хуршед май рақсад
که در بزمش دل هر ذره با خورشید میرقصد
Шароб бе муҳобои адам кайфиятӣ дорад
شراب بیمحابای عدم کیفیتی دارد
Ки ҷом аз ҷӯши мастӣ дар кафи ҷамшед май рақсад
که جام از جوش مستی در کف جمشید میرقصد
Чунон аҷзоӣ ҳастӣ дар ҳавоӣ ӯ ба рақс омад
چنان اجزای هستی در هوای او به رقص آمد
Ки сад матлаби равое бо дили навмед май рақсад
که صد مطلب روایی با دل نومید میرقصد
Баҳор мепараст омад гули ҳангомаҳо рангин
بهار میپرست آمد گل هنگامهها رنگین
Хурӯш абр мехонд ҳавои бед май рақсад
خروش ابر میخواند هوای بید میرقصد
Набинад чашми бади гӯйиш чаҳ субҳаст ин чаҳ шомаст ин
نبیند چشم بد گویش چه صبح است این چه شام است این
Гул хуршед механдад ҳилоли ид май рақсад
گل خورشید میخندد هلال عید میرقصد