Дар базм чу бо оризи пар нур нишинад

در بزم چو با عارض پر نور نشیند

Сад шамъ шабихун зада аз давр нишинад

صد شمع شبیخون زده از دور نشیند

Захмӣ ки буд бе намаки ҷаври ту дар дил

زخمی که بود بی نمک جور تو در دل

Шармандатар аз марҳам кофур нишинад

شرمنده تر از مرهم کافور نشیند

Гардӣда зи ёди нигаҳии ваҳшии улфат

گردیده ز یاد نگهی وحشی الفت

Дил нест аҷабгар з барам давр нишинад

دل نیست عجب گر ز برم دور نشیند

Ҳасанат чуад дарди пардаи номӯси гулистон

حسنت چود درد پرده ناموس گلستان

Расво шавад он ғунча ки мастур нишинад

رسوا شود آن غنچه که مستور نشیند

Гар ақли Флотўн шуда бе нашъаи савдо

گر عقل فلاطون شده بی نشئه سودا

Афсурдатар аз бода бизўр нишинад

افسرده تر از باده بیزور نشیند

Гар бодаи зи ёди нигаҳат маст набошад

گر باده ز یاد نگهت مست نباشد

Кӣ нашъа май дар сар махмур нишинад

کی نشئه می در سر مخمور نشیند

Монанди асир он шавад эмин ки зи ишқат

مانند اسیر آن شود ایمن که ز عشقت

Дар сояи нахли чаман тавр нишинад

در سایه نخل چمن طور نشیند