Бесутуни рӯзӣ ба ёди хотир шодам расед

بیستون روزی به یاد خاطر شادم رسید

Нола Эй кардам ба гӯши овоз Фарҳодам расед

ناله ای کردم به گوش آواز فرهادم رسید

Хотири сайёди нозук буд ва ман бе эҳтиёт

خاطر صیاد نازک بود و من بی احتیاط

То кашидам нолаи хомӯшӣ ба фарёдам расед

تا کشیدم ناله خاموشی به فریادم رسید

Ҷазба беихтиёрам кард хасми хеш

جذبه بی اختیارم کرد خصم خویش

Бскаҳи ҷавр ӯ кашидам машқ бедодам расед

بسکه جور او کشیدم مشق بیدادم رسید

Заҳмати осӯдагӣ аз ёди домами барда буд

زحمت آسودگی از یاد دامم برده بود

намегирифтам домани парвоз сайёдам расед

می گرفتم دامن پرواز صیادم رسید

Сустии толеъи зкўиш чун ғуборами барда буд

سستی طالع زکویش چون غبارم برده بود

Нотавонӣҳои ишқи охир ба фарёдам расед

ناتوانیهای عشق آخر به فریادم رسید

Ёди хурсандии гузашт аз хотири ғофили асир

یاد خرسندی گذشت از خاطر غافل اسیر

Мурда будам ғами миёни ҷон ношодм расед

مرده بودم غم میان جان ناشادم رسید