Даст агар дорӣ ба ғайр аз домани саҳрои мгир
دست اگر داری به غیر از دامن صحرا مگیر
Парниёни хор то бошад ба маснади ҷои мгир
پرنیان خار تا باشد به مسند جا مگیر
Гирди хотирҳо магараду роҳ бар гулҳо мгир
گرد خاطرها مگرد و راه بر گلها مگیر
Дар дил ёрем аз ин хуштар суроғи мо мгир
در دل یاریم از این خوشتر سراغ ما مگیر
Нотавонӣ қӯтӣ дорад ки хоро мум ӯст
ناتوانی قوتی دارد که خارا موم اوست
Кӯҳканро дар ҳисоби мардуми донои мгир
کوهکن را در حساب مردم دانا مگیر
Зӯри бозуии назокати арзи иззат май барад
زور بازوی نزاکت عرض عزت می برد
Панҷа бо хуршед агаргирӣ ба истиғнои мгир
پنجه با خورشید اگر گیری به استغنا مگیر
Гар дар уфтад қатра бо дарё ки нуқсон ме кунад
گر در افتد قطره با دریا که نقصان می کند
Нуктаи биҷо ба ҳарфи мардуми донои мгир
نکته بیجا به حرف مردم دانا مگیر
Кӣ хабар дорад даруни хона аз берун дар
کی خبر دارد درون خانه از بیرون در
Дидае дории суроғи раҳи зи нобӣнои мгир
دیده ای داری سراغ ره ز نابینا مگیر
Сояи хори таъаллуқи оташи афрӯз дил аст
سایه خار تعلق آتش افروز دل است
Улфат осон нест бо дунёу моФиҳои мгир
الفت آسان نیست با دنیا و مافیها مگیر
Ҷазбаи комили надории дил ба сахтии сӯхтӣ
جذبه کامل نداری دل به سختی سوختی
Нестии оташи гулоб аз шишаи дилҳо мгир
نیستی آتش گلاب از شیشه دلها مگیر
Заҳмати майдони мадагар нестии ғолиби ҳариф
زحمت میدان مده گر نیستی غالب حریف
Марди киштӣ чун нае ҷуз дар канории ҷои мгир
مرد کشتی چون نه ای جز در کناری جا مگیر
Нест осони қабзаи аҳли қаноат хостан
نیست آسان قبضه اهل قناعت خواستن
ё бигир ва бар сари сад орзӯи зан ё мгир
یا بگیر و بر سر صد آرزو زن یا مگیر
Гӯшагирӣ хешро расвои олам кардан аст
گوشه گیری خویش را رسوای عالم کردن است
Гар сари шӯҳрати надории шеваи анқои мгир
گر سر شهرت نداری شیوه عنقا مگیر
Қадар нашнос дили девонаи хешии асир
قدر نشناس دل دیوانه خویشی اسیر
Ҳайф аз ин ойӣнаи занги мардуми дунёи мгир
حیف از این آیینه زنگ مردم دنیا مگیر