Ҳар саҳари ёд каз он зулф ва биногваш кунем

هر سحر یاد کز آن زلف و بناگوش کنیم

Рӯзи худ бо шаби ғами даст дар оғӯш кунем

روز خود با شب غم دست در آغوش کنیم

Дӯш , шаб дар хами гесуаш ба поён омад

دوش، شب در خمِ گیسوش به پایان آمد

Имшаб аз зулфи сухан то ба сар дӯш кунем

امشب از زلف سخن تا به سر دوش کنیم

Дил бемор нтобад таби он наргиси маст

دل بیمار نتابد تب آن نرگس مست

Магар аз шарбати лаълаши шукрӣ нӯш кунем

مگر از شربت لعلش شکری نوش کنیم

Блблоним кигар лаби бгшоӣим эй гул

بلبلانیم که گر لب بگشائیم ای گل

Ҳамаи офоқ дар авсофи ту мадҳуш кунем

همه آفاق در اوصاف تو مدهوش کنیم

Шаби ҳиҷрон чу шавад субҳ ва барояд хуршед

شب هجران چو شود صبح و برآید خورشید

Достони ғами дӯшина фаромӯш кунем

داستان غم دوشینه فراموش کنیم

Ҳуш агар офати ишқ ту шавад зон лаби лаъл

هوش اگر آفت عشق تو شود زان لب لعل

Ишвае соъиқаи хирмани он ҳуш кунем

عشوه ای صاعقه خرمن آن هوش کنیم

Аҳли дилро набӯд тафриқае ҷони бозо

اهل دل را نبود تفرقه ای جان بازآ

Қиссаи маърифат инаст агар гӯш кунем

قصه معرفت این است اگر گوش کنیم

Ашки равшангар чашмаст валикин на чунон

اشک روشنگر چشم است ولیکن نه چنان

Ки чароғи дили афрӯхта хомӯш кунем

که چراغ دل افروخته خاموش کنیم

Хӯни дили рехтаи тарки нигаҳии кӯи рустам

خون دل ریخته ترک نگهی کو رستم

То зи турони талаби хӯн Сиёвуш кунем

تا ز توران طلب خون سیاووش کنیم

Аз дар тавбаи хтопишаҳ дило узри гуноҳ

از در توبه خطاپیشه دلا عذر گناه

Арза бо шоҳи гунаҳи бахш хатопӯш кунем

عرضه با شاه گنه‌بخش خطاپوش کنیم

Шаҳрёрои ғазали нағзи ту қўлисти қадим

شهریارا غزل نغز تو قولیست قدیم

Сухании тоза ?герат ҳаст бигӯ гӯш кунем

سخنی تازه گرت هست بگو گوش کنیم

Хониш
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