Нолад ба ҳоли зори ман имшаби се тори ман
نالد به حال زار من امشب سه تار من
Ин мояи тасаллии шабҳои тори ман
این مایهٔ تسلی شب های تار من
эй дили зи дӯстони вафодори рӯзгор
ای دل ز دوستان وفادار روزگار
Ҷузи соз ман набӯд касе созгори ман
جز ساز من نبود کسی سازگار من
Дар гӯшаи ғамӣ ки фаромӯш олимӣ аст
در گوشهٔ غمی که فراموش عالمی است
Ман ғмгсори созам ва ӯ ғмгсори ман
من غمگسار سازم و او غمگسار من
Ашкаст ҷӯйбори ману нолаи се тор
اشک است جویبار من و ناله سه تار
Шаб то саҳари таронаи ин ҷӯйбори ман
شب تا سحر ترانه این جویبار من
Чун нштрм ба дидаи хулди нӯшханди моҳ
چون نشترم به دیده خلد نوشخند ماه
Ёдаш ба хайри ханҷари мижгони ёри ман
یادش به خیر خنجر مژگان یار من
Рафт ва ба ахтарони сиришками супурди ҷой
رفت و به اختران سرشکم سپرد جای
Моҳӣ ки осмони брбўд аз канори ман
ماهی که آسمان بربود از کنار من
Охири қарори зулфи ту бо мо чунин набӯд
آخر قرار زلف تو با ما چنین نبود
эй мояи қарори дили биқрори ман
ای مایه قرار دل بیقرار من
Дар ҳасрат ту меРом ва донам ту бе вафо
در حسرت تو میرم و دانم تو بی وفا
Рӯзӣ вафо кунӣ ки наёяд ба кори ман
روزی وفا کنی که نیاید به کار من
Аз чашми худ сиёҳи дилӣ вом ме кунӣ
از چشم خود سیاه دلی وام میکنی
Хоҳии магари гарави барӣ аз рӯзгори ман
خواهی مگر گرو بری از روزگار من
Ахтар бихуфту шамъи фурӯи мард ва ҳамчунон
اختر بخفت و شمع فرو مرد و همچنان
Бедор буд дидаи шаби зиндаи дори ман
بیدار بود دیدهٔ شب زنده دار من
Ман шоҳбози аршаму мискини тзрўи хок
من شاهباز عرشم و مسکین تذرو خاک
Бахташ баланд нест ки бошад шикори ман
بختش بلند نیست که باشد شکار من
Як умр дар шарор муҳаббат гудохтам
یک عمر در شرار محبت گداختم
То сирФии ишқ чаҳ синҷиди айёри ман
تا صیرفی عشق چه سنجد عیار من
Ҷузи хӯн дил нахост нигорандаи сипеҳр
جز خون دل نخواست نگارندهٔ سپهر
Бар сафҳаи ҷаҳони рақами ёдгори ман
بر صفحهٔ جهان رقم یادگار من
Зангор заҳр хӯрдаму шингарфи хӯни дил
زنگار زهر خوردم و شنگرف خون دل
То ҷилва кард ин ҳамаи нақш ванигор ман
تا جلوه کرد این همه نقش و نگار من
Дар бӯстони табъи ҳазинам чу бигузарӣ
در بوستان طبع حزینم چو بگذری
Парҳези неши хори ман эй глъзори ман
پرهیز نیش خار من ای گلعذار من
Ман шаҳриёри малик сухан будам ва набӯд
من شهریار ملک سخن بودم و نبود
Ҷузи гавҳари сиришк дар ин шаҳри ёри ман
جز گوهر سرشک در این شهر یار من