Ёдам накарду шоди ҳарифӣ ки ёд аз ӯ

یادم نکرد و شاد حریفی که یاد از او

Ёдаши бихир гарчи дилам нест шод аз ӯ

یادش بخیر گرچه دلم نیست شاد از او

Бо ҳақи суҳбати ману аҳди қадими хеш

با حق صحبت من و عهد قدیم خویش

Ёдам накард ёри қадӣмӣ ки ёд аз ӯ

یادم نکرد یار قدیمی که یاد از او

Дилшоди боди он ки дилами шод аз аўнгшт

دلشاد باد آن که دلم شاد از اونگشت

Ваон гул ки ёд ман накунад ёди бод аз ӯ

وان گل که یاد من نکند یاد باد از او

Аз ман ба ғайри оҳ ба кайвон куҷо расад

از من به غیر آه به کیوان کجا رسد

Ёрб кулоҳи гӯша ба кайвони расоад аз ӯ

یارب کلاه گوشه به کیوان رساد از او

Бо эътимоди дӯсти раво буд зистан

با اعتماد دوست روا بود زیستن

Оўх ки салб шуд дигарам эътимод аз ӯ

آوخ که سلب شد دگرم اعتماد از او

Ҳоли дилами ҳавола ба девони хоҷаи бод

حال دلم حواله به دیوان خواجه باد

Ёри он замон ки хостаи фоли мурод аз ӯ

یار آن زمان که خواسته فال مراد از او

Ман бо равони хоҷа аз ӯ шиква мекунам

من با روان خواجه از او شکوه میکنم

То дод ман магари бастади Авестоад аз ӯ

تا داد من مگر بستد اوستاد از او

Он барқи оҳи мост ки партав кунанд вом

آن برق آه ماست که پرتو کنند وام

Равшангарони кавкабаи бомдод аз ӯ

روشنگران کوکبه بامداد از او

Дар рӯзгори хусрави додари додгар

در روزگار خسرو دادار دادگر

Бидодгари бутии сети бути ман ки дод аз ӯ

بیدادگر بتی‌ست بتِ من که داد از او

Ёди он замон кигар бадв абрӯ заде гиреҳ

یاد آن زمان که گر بدو ابرو زدیی گره

Аз кори бастаи ҳам гиреҳӣ мекушод аз ӯ

از کار بسته هم گرهی میگشاد از او

Шарм аз каманди турра ӯ дошт шаҳриёр

شرم از کمند طره او داشت شهریار

Рӯзӣ ки сар ба кӯҳу биёбони ниҳод аз ӯ

روزی که سر به کوه و بیابان نهاد از او

Хониш
ғзл шморҳ 117 - ӣод қдӣм — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 117 - ӣод қдӣм — фрҳод бшӣрӣон