Ҳрдм чу тӯб мезанадам пушти пои вой

هردم چو توپ می‌زندم پشت پای وای

Каси пеши пой Тифл науфтад ки вои вой

کس پیش پای طفل نیفتد که وای وای

Дар пои сарв даст нагиранд аз касе

در پای سرو دست نگیرند از کسی

Онҷо чаҳ бе касе ки биафтад зи пои вой

آنجا چه بی‌کسی که بیفتد ز پای وای

Дайри ошнотар аз ту надидам вале чаҳ суд

دیر آشناتر از تو ندیدم ولی چه سود

Бегонаи гаштӣ эй маи дирошнои вой

بیگانه گشتی ای مه دیرآشنای وای

Дар доманат гиристан созам орзӯаст

در دامنت گریستن سازم آرزوست

То сар кунам навой дил бе навой вой

تا سر کنم نوای دل بی‌نوای وای

Сӯзи дилами ҳикояти соз ту ме кунад

سوز دلم حکایت ساز تو می‌کند

Лаб бар лабами буна ки барорам чу ноӣ вой

لب بر لبم بنه که برآرم چو نای وای

Аз сӯзи ҳиҷри нолаи ман зор зор шуд

از سوز هجر نالهٔ من زار زار شد

Бо шавқи васли гиряи манҳоиҳои вой

با شوق وصل گریهٔ من های‌های وای

« ман прўрондмт ки ту бо ин баҳо шудӣ »

«من پروراندمت که تو با این بها شدی»

Гум кардӣ эй матоъи муҳаббати баҳоии вой

گم کردی ای متاع محبت بهای وای

Охири сазои хизмати дерини ман ҳабиб

آخر سزای خدمت دیرین من حبیب

Ин шуд ки бишинавам сухани носазои вой

این شد که بشنوم سخن ناسزای وای

Ҷузи неку бад ба ҷой намонад чаҳ ме кунӣ

جز نیک و بد به جای نماند چه می‌کنی

На ишқи ман на ҳасан ту монад ба ҷои вой

نه عشق من نه حسن تو ماند به جای وای

эй коши вои вои маниш меҳрбон кунад

ای کاش وای وای منش مهربان کند

Гар меҳрбон нашуд чаҳ кунам эй худои вой

گر مهربان نشد چه کنم ای خدای وای

Ман шаҳриёри кишвари ишқами гадои ту

من شهریار کشور عشقم گدای تو

эй подшоҳ ҳасан маранҷон гадои вой

ای پادشاه حسن مرنجان گدای وای

Хониш
ғзл шморҳ 128 - воӣ воӣ мн — прӣ соткнӣ ъндлӣб