эй ҷигар гӯша кист дмсозт

ای جگرگوشه، کیست دمسازت؟

Бо ҷигар ҳарф мезанад созат

با جگر حرف می‌زند سازت

Тору пудам дар эҳтизози орад

تار و پودم در اهتزاز آرد

Сими сози таронаи пардозат

سیمِ سازِ ترانه‌پردازت

Ҳайф ноӣ Фариштагонам нест

حیف، نایِ فرشتگانم نیست

То кунам сози дили ҳам овозат

تا کنم سازِ دل، هم‌آوازت

Вои азин мурғи ошиқи захмӣ

وای ازین مرغ عاشق زخمی

Ки бинолад ба захмаи созат

که بنالد به زخمهٔ سازت

Чун ман эй мурғи олами малакӯт

چون من ای مرغ عالم ملکوت

Кӣ шикастааст боли парвозат

کی شکسته‌ست بال پروازت؟

Шӯри Фарҳоду ишваи ширин

شور فرهاد و عشوهٔ شیرین

Зинда кардӣ ба шӯру Шаҳнозат

زنده کردی به شور و شهنازت

Нознинои ниёзманди туам

نازنینا نیازمند توام

Умр агар буд май кашами нозат

عمر اگر بود می‌کشم نازت

Сӯзу созат ба ашк ман монад

سوز و سازت به اشک من مانَد

Ки кашад парда аз рухи розат

که کشد پرده از رخ رازت

Чун нанолӣ ки даргирифта чу не

چون ننالی؟ که درگرفته چو نی

Шӯри ширини лабони таннозат

شورِ شیرین‌‌لبانِ طنازت

Чашми ман дар пай ту хоҳад буд

چشم من در پی تو خواهد بود

Дар куҷои байнам эй писари бозат

در کجا بینم ای پسر بازت

Гоҳе аз лутф сарфарозам кун

گاهی از لطف سرفرازم کن

Шукри сарви қади сарафрозат

شُکر سروِ قد سرافرازت

Шаҳриёри ин на шеъри ҳофиз буд

شهریار این نه شعر حافظ بود

Ки ба сар зад ҳавои Широзат

که به سر زد هوای شیرازت

Хониш
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