Мусофирӣ ки ба рухи ашк ҳасратам бадванд

مسافری که به رخ اشک حسرتم بدواند

Дилами таҳаммули бори фироқ ӯ натавонад

دلم تحمل بار فراق او نتواند

Дар оташам бинишонад чу бо касон биншинад

در آتشم بنشاند چو با کسان بنشیند

Канор ман нанишинад ки оташам бинишонад

کنار من ننشیند که آتشم بنشاند

Чаҳ ҷӯии хӯн ки баранд зи дидаи дил шудагон ро

چه جوی خون که براند ز دیده دل‌شدگان را

Чу моҳи нўсФри ман саманд ноз баранд

چو ماه نوسفر من سمند ناز براند

Ҷудо шуд аз ман ва дидам вале зи ҳавли ғарибӣ

جدا شد از من و دیدم ولی ز هول غریبی

Дар издиҳому ҳаёҳӯ ба Тифл гумшуда монад

در ازدحام و هیاهو به طفل گمشده ماند

Ба моҳи ман ки расонади паёми ман ки зи ҳиҷрон

به ماه من که رساند پیام من که ز هجران

Ба лаби расидаи марои ҷони худӣ ба ман бирасонад

به لب رسیده مرا جان خودی به من برساند

Ба сӯзи синаи ман байн ки сози қофияи пардоз

به سوز سینه من بین که ساز قافیه‌پرداز

Навой ноӣ гиреҳи гири дил шикаста нахонд

نوای نای گره‌گیر دل شکسته نخواند

Чаҳ нолӣ эй дили хунин ки он шукуфаи хандон

چه نالی ای دل خونین که آن شکوفه خندان

Забони мурғи ҳазини шикаста бол надонад

زبان مرغ حزین شکسته‌بال نداند

Дилам ба сина занад пар бидон ҳаво ки нигорин

دلم به سینه زند پر بدان هوا که نگارین

Китобатии бнўсид кабӯтарӣ биппаранд

کتابتی بنوسید کبوتری بپراند

Ман офтоби влои ҷузи ғмом ҳеҷ надонам

من آفتاب ولا جز غمام هیچ ندانم

Маӣ ки худ ҳама донаст бояд ин ҳама донад

مهی که خود همه‌دان است باید این همه داند

Ба ҳар чаман ки раседӣ бигӯ ба абри баҳорӣ

به هر چمن که رسیدی بگو به ابر بهاری

Ки пеши пои ту ашкӣ ба ёди ман бФшонд

که پیش پای تو اشکی به یاد من بفشاند

Қарори васл чу тай шуд , умедвори чунонам

قرار وصل چو طی شد، امیدوار چنانم

Ки бе қарории мо низ барқарор намонад

که بی‌قراری ما نیز برقرار نماند

Ба васл агар нрҳми шаҳриёр аз ғами ҳиҷрон

به وصل اگر نرهم شهریار از غم هجران

Куҷост марг ки моро з зиндагӣ барраанд

کجاست مرگ که ما را ز زندگی برهاند

Хониш
ғзл шморҳ 51 - мсофр ҳмдон — прӣ соткнӣ ъндлӣб