Лабат то дар шукуфтани лолаи серобро монад

لبت تا در شکفتن لاله سیراب را ماند

Дилам дар биқрории чашмаи маҳтобро монад

دلم در بیقراری چشمه مهتاب را ماند

Гуҳӣ каз равзани чашмами фурӯи тобади ҷамоли ту

گهی کز روزن چشمم فرو تابد جمال تو

Ба шабҳои дили торики ман маҳтобро монад

به شب‌های دل تاریک من مهتاب را ماند

Хазон хоҳем шуд соқӣ кунун мастии ғанимати дон

خزان خواهیم شد ساقی کنون مستی غنیمت دان

Ки лолаи соғару шабнами шароби нобро монад

که لاله ساغر و شبنم شراب ناب را ماند

Гузаштаи рӯзгорони байн ки даврони шабоби мо

گذشته روزگاران بین که دوران شباب ما

Дар ин сайлоби ғами дастаи гулии шодобро монад

در این سیلاب غم دسته گلی شاداب را ماند

Бетаи ганҷинаи ҳасану ҷавониро вафое нест

بتا گنجینه حسن و جوانی را وفایی نیست

Вафоӣ бемурувват гавҳар ноёбро монад

وفای بی‌مروت گوهر نایاب را ماند

з даврам дӯстдоронанд ва аз наздики хунхорон

ز دورم دوستدارانند و از نزدیک خونخواران

Вафои халқ бо ман рустаму Суҳробро монад

وفای خلق با من رستم و سهراب را ماند

Бад-ӣни симои оромами даруни дарёии тўФонист

بدین سیمای آرامم درون دریای طوفانیست

Ҳазар кун аз ғариқи оре ки худ ғарқобро монад

حذر کن از غریق آری که خود غرقاب را ماند

Биҷузи хоб парешоне набӯд ин умр бе ҳосил

بجز خواب پریشانی نبود این عمر بی‌حاصل

Кӣ он осоиши хобаш ки гӯям хобро монад

کی آن آسایش خوابش که گویم خواب را ماند

Ҳаёту равшаниро рамз ширинӣ надонам чист ?

حیات و روشنی را رمز شیرینی ندانم چیست؟

Вале марги сиёҳаши ҳамсари нобобро монад

ولی مرگ سیاهش همسر ناباب را ماند

Бунафшаи духтари шакарлаби деҳқони намояд лек

بنفشه دختر شکّرلب دهقان نماید لیک

Муғелонаш ба сад неши забони арбобро монад

مغیلانش به صد نیش زبان ارباب را ماند

Сухани ҳаргизи бад-ӣни ширинӣу лутф ва равонӣ нест

سخن هرگز بدین شیرینی و لطف و روانی نیست

Худоро шаҳриёри ин табъи ҷӯии обро монад

خدا را شهریار این طبع جوی آب را ماند

Хониш
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