Ашкаш чакиду дигараши он обрӯ набӯд
اشکش چکید و دیگرش آن آبرو نبود
Аз оби рафтаи ҳеҷ нишоне ба ҷӯ набӯд
از آب رفته هیچ نشانی به جو نبود
Мижгон кашид ришта ба сӯзан вале чаҳ суд
مژگان کشید رشته به سوزن ولی چه سود
Дигар ба чоки синаи маҷол руфӯ набӯд
دیگر به چاک سینه مجال رفو نبود
Дигари шикаста буд дил ва дар миёни мо
دیگر شکسته بود دل و در میان ما
Суҳбат ба ҷузи ҳикояти санг ва сабу набӯд
صحبت به جز حکایت سنگ و سبو نبود
ӯ буд дар муқобили чашми терм вале
او بود در مقابل چشم ترم ولی
Оўх ки пеши чашми дилами дигар ӯ набӯд
آوخ که پیش چشم دلم دیگر او نبود
Ҳайф аз нисори гавҳари ашк эй арӯси бахт
حیف از نثار گوهر اشک ای عروس بخت
Бо рӯй зишти зевари гавҳар накӯ набӯд
با روی زشت زیور گوهر نکو نبود
Ашкаш наме мкидму бемори ишқ ро
اشکش نمیمکیدم و بیمار عشق را
Ҷузи буғзи шарбати дгарӣ дар гулӯ набӯд
جز بغض شربت دگری در گلو نبود
Олӯда буд домани пок ва ба рағми ишқ
آلوده بود دامن پاک و به رغم عشق
Бо ашк низ дасту дил шустушӯ набӯд
با اشک نیز دست و دل شستشو نبود
Аз гуфтугӯу ёди ҷафо карданам чаҳ суд
از گفتگو و یاد جفا کردنم چه سود
ӯ буд бевафо ва дар ин гуфтугӯ набӯд
او بود بیوفا و در این گفتگو نبود
Моҳӣ ки меҳрбон нашуд аз ёд рафтанӣ аст
ماهی که مهربان نشد از یاد رفتنی است
Атрӣ намонад аз гули рангин ки бӯ набӯд
عطری نماند از گل رنگین که بو نبود
Озодагон ба ишқ хиёнат наме кунанд
آزادگان به عشق خیانت نمیکنند
ӯро хисоли мардуми озода ху набӯд
او را خصال مردم آزادهخو نبود
Чун ишқу орзӯ ба дилами марди шаҳриёр
چون عشق و آرزو به دلم مرد شهریار
Ҷузи мурданам ба мотами ишқ орзӯ набӯд
جز مردنم به ماتم عشق آرزو نبود