Гар ба перонаи серуми бахти ҷавонӣ ба сар ояд

گر به پیرانه سرم بخت جوانی به سر آید

Аз дар оштӣами он ма бе меҳри даройад

از در آشتیَم آن مه بی‌مهر درآید

Омад аз тобу табами ҷон ба лаб эй кош ки ҷонон

آمد از تاب و تبم جان به لب ای کاش که جانان

Бо дами исавӣами ин дами охир ба сар ояд

با دم عیسویم این دم آخر به سر آید

Хобам ошуфт ва чунон буд ки бо шоҳиди маҳтоб

خوابم آشفت و چنان بود که با شاهد مهتاب

Ба тамошои ман аз равзанаи кулбаи даройад

به تماشای من از روزنه کلبه درآید

Дилкаши он чеҳра ки чун лола барафрӯхта аз шарм

دلکش آن چهره که چون لاله برافروخته از شرم

Бори дигар ба суроғи ман хунин ҷигар ояд

بار دیگر به سراغ من خونین جگر آید

Сарви ман гул бинавозад дили парвонау булбул

سرو من گل بنوازد دل پروانه و بلبل

Гар ту ҳам ёдати азин қамарӣ бебол ва пар ояд

گر تو هم یادت ازین قمری بی‌بال و پر آید

Шамъи ларзони шабонгоҳаму ҷонам ба сари даст

شمع لرزان شبانگاهم و جانم به سر دست

То насими саҳарами болу пурафшон ба бар ояд

تا نسیم سحرم بال و پرافشان به بر آید

Пери канъони ман аз нола биёсоӣ ки Юсуф

پیر کنعان من از ناله بیاسای که یوسف

Писарӣ нест ки дигар ба суроғ падар ояд

پسری نیست که دیگر به سراغ پدر آید

Донам он сангдил охир шавад аз карда пушаймон

دانم آن سنگدل آخر شود از کرده پشیمان

Он замон дар паии ман кӯй ба кӯ , дарба дар ояд

آن زمان در پی من کوی به کو، دربه‌در آید

Равад аз дида чу бо ёди маниши ашки надомат

رود از دیده چو با یاد منش اشک ندامت

Лола аз хокам ва аз колбудам нола барояд

لاله از خاکم و از کالبدم ناله برآید

Дӯд шуд шамъ аз он шуъла ки дар хирманаш афрӯхт

دود شد شمع از آن شعله که در خرمنش افروخت

Чанд гӯйӣ ки ба поёни шаби ғам саҳар ояд

چند گویی که به پایان شب غم سحر آید

Моҳи канъон чу ба талхӣ ба дил чоҳ кунад ҷон

ماه کنعان چو به تلخی به دل چاه کند جان

Корвони гӯи ҳама бо бори гулоб ва шукр ояд

کاروان گو همه با بار گلاب و شکر آید

Шаҳрёрои гила аз гесуии ёри ин ҳама бигзор

شهریارا گله از گیسوی یار این‌همه بگذار

Кохри он қисса ба поён расад ин ғуссаи сроид

کاخر آن قصه به پایان رسد این غصه سرآید

Хониш
ғзл шморҳ 63 - ошк ндомт — прӣ соткнӣ ъндлӣб