эй шохи гул ки дар паии гулчин дуоне ам

ای شاخ گل که در پی گلچین دوانی‌ام

Ин нест музди ранҷи ман ва боғбонӣ ам

این نیست مزد رنج من و باغبانی‌ام

Прўрдмт ба ноз ки бншинмт ба пой

پروردمت به ناز که بنشینمت به پای

эй гул чаро ба хоки сияҳ менишоне ам

ای گل چرا به خاک سیه می‌نشانی‌ام

Дарёб дасти ман ки ба перии рисии ҷавон

دریاب دست من که به پیری رسی جوان

Охир ба пеши пои ту гум шуд ҷавонӣ ам

آخر به پیش پای تو گم شد جوانی‌ام

Гар нестам хазонаи хзФи ҳам ним ҳабиб

گر نیستم خزانه خزف هم نیم حبیب

Бории мадаи зи даст ба ин ройгонӣ ам

باری مده ز دست به این رایگانی‌ام

То гӯшвори ноз гарон кард гӯши ту

تا گوشوار ناز گران کرد گوش تو

Лаб во нашуд ба шикваи з бе ҳам забонӣ ам

لب وا نشد به شکوه ز بی‌هم‌زبانی‌ام

эй Юсуфи азиз ки сонии ндидмт

ای یوسف عزیز که ثانی ندیدمت

Бозо ки дар фироқи ту ёқӯб сонӣ ам

بازآ که در فراق تو یعقوب ثانی‌ام

Бо садҳазори захми забон зиндаам ҳануз

با صدهزار زخم زبان زنده‌ام هنوز

Гардун гумон надошт ба ин сахт ҷонӣ ам

گردون گمان نداشت به این سخت‌جانی‌ام

Ёрии зи табъи хостам ашкам чакид ва гуфт

یاری ز طبع خواستم اشکم چکید و گفت

Ёрии зи ман биҷавӣ ки бо ин равонӣ ам

یاری ز من بجوی که با این روانی‌ام

эй гули биё ва аз чамани табъи шаҳриёр

ای گل بیا و از چمن طبع شهریار

Бишинав таронаи ғазал ҷовдонӣ ам

بشنو ترانهٔ غزل جاودانی‌ام

Хониш
ғзл шморҳ 97 - тронҳ ҷовдон — прӣ соткнӣ ъндлӣб