Сурху биҷодаҳи руху тозаи лаб аз бодау маст

سُرخ و بیجاده رخ و تازه لب از باده و مست

Рафта аз ғояти мастии гули бодом аз даст

رفته از غایتِ مستی گلِ بادام از دست

Мтршҳи ғду мавзуни қад ва мегаван лабу маст

مُتِرَشِّح غد و موزون قد و میگون لب و مست

Ҷомаи гулнору камари зркшу соғар дар даст

جامه گلنار و کمر زرکش و ساغر در دست

Туррааш шӯъбадаи бозу нигаҳаши шаҳрошӯб

طُرّه‌اش شعبده‌باز و نگهش شهرآشوب

Чашми бемор ва ду абрӯии ваии биморпрст

چشم بیمار و دو ابروی وی بیمارپرست

Сари зулфаш ки ба таҳрики сабо рақсӣ дошт

سرِ زلفش که به تحریکِ صبا رقصی داشت

Ҳар қадами таблаи мишкӣ ба сари тӯдаи шикаст

هر قدم طَبلهٔ مُشکی به سرِ توده شکست

Дайргоҳ аз меҳуш омад ва беморам дид

دیرگاه از می هوش آمد و بیمارم دید

Гуфт : афсӯс ки бар дидаи раҳ хобат ҳаст

گفت: افسوس که بر دیدهٔ رَه خوابت هست

Гуфтам : аз дасти хаёли ту , бихандед ва бигуфт :

گفتم: از دستِ خیالِ تو، بخندید و بگفت:

Комшб оё ҳаваси васл нгоринт ҳаст

کامشب آیا هوسِ وصلِ نگارینت هست

Ҷустам аз ҷой ба сад шавқ ки ореи оре

جَستَم از جای به صد شوق که آری آری

эй мубораки шаби он кас ки зи ҳиҷр ту бараст

ای مبارک شبِ آن کس که ز هجرِ تو برست

Сарви қадаш ба хиром омад ва бо сад шафқат

سرو قدّش به خرام آمد و با صد شفقت

Бар сари куҳнаи лиҳофӣ ки маро буд нишаст

بر سر کهنه لحافی که مرا بود نشست

Кард то вақти сабоҳам ба сабӯҳии машғӯл

کرد تا وقتِ صباحم به صبوحی مشغول

зи ихтилот май ва маъшӯқ шудам бе худу маст

ز اختلاطِ می و معشوق شدم بی‌خود و مست