Солҳо қади туро хома тақдир кашид

سالها قد تو را خامهٔ تقدیر کشید

Қоматат буд қиёмат ки чунин дайр кашид

قامتت بود قیامت که چنین دیر کشید

Хости рухсори ту бо зулфи гиреҳ гир кашад

خواست رخسار تو با زلف گره گیر کشد

Фикрҳо кард ки бояд ба чаҳ тадбир кашид

فکرها کرد که باید به چه تدبیر کشید

Муддатӣ чанд бипечед ба худу охири кор

مدتی چند بپیچید به خود و آخر کار

Моҳро аз фалак оварад ва ба занҷир кашид

ماه را از فلک آورد و به زنجیر کشید

Ҷои абрӯии ту наққош , пас аз оҳӯии чашм

جای ابروی تو نقاش، پس از آهوی چشم

То ба бозича нагиранд дам шер кашид

تا به بازیچه نگیرند دم شیر کشید

Баъди чашми ту , мусаввир чу ба абрӯ пардохт

بعد چشم تو، مصوّر چو به ابرو پرداخت

Шуд чунон маст ки бар рӯй ту шамшер кашид

شد چنان مست که بر روی تو شمشیر کشید

Дили асири мижаи ?ут аз адам омад ба вуҷӯд

دل اسیر مژه‌ات از عدم آمد به وجود

Ҳамчуи сайдӣ ки мусаввир ба дам шер кашид

همچو صیدی که مصوّر به دم شیر کشید

Пеши ташрифи расои карами дасти азал ,

پیشِ تشریفِ رَسایِ کرَمِ دستِ ازل،

Миннат аз кӯтаҳии хома тақдир кашид

منّت از کوتهی خامهٔ تقدیر کشید

Лоғарии байн ки дар андеша наҚишм , наққош

لاغری بین که در اندیشهٔ نقشم، نقّاش

Он қадр монад ки тасвири маро пер кашид

آنقدر ماند که تصویر مرا پیر کشید

Гар харобам кунӣ эй ишқ чунон кун , борӣ

گر خرابم کنی ای عشق چنان کن، باری

Ки нишоед дигарам миннат таъмир кашид

که نشاید دگرم منّت تعمیر کشید

Натавон баҳри алоҷи дили девонаи мо

نتوان بهر علاج دل دیوانهٔ ما

Аз сари зулф ба дӯши ин ҳама занҷир кашид

از سر زلف به دوش این همه زنجیر کشید