Фиканда зулфи ту дар кори дили ҳазор гиреҳ
فکنده زلف تو در کار دل هزار گره
Дигар мазан ту бар абрӯии фитнаи бори гиреҳ
دگر مزن تو بر ابروی فتنه بار گره
Гушои кокули мишкӣну кор дил бигушоӣ
گشای کاکل مشکین و کار دل بگشای
Мазан ба ришта ӣ умри ман эйнигор гиреҳ
مزن به رشته ی عمر من ای نگار گره
Насими боди сабо , тори чини зулфи туро ,
نسیم باد صبا، تارِ چینِ زلفِ تو را،
Гушӯда ва зада бар нофа ӣ ттори гиреҳ
گشوده و زده بر نافه ی تتار گره
Навой чангу рубобам наме кушояди дил
نوای چنگ و ربابم نمی گشاید دل
Гушои мутриби маҷлиси зтори тори гиреҳ
گشای مطرب مجلس زتارِ تار گره
Алоҷи дарди диламро чаҳ мекунӣ имрӯз
علاج درد دلم را چه می کنی امروز
Ман аўФтодаҳ ба корами зсоли пори гиреҳ
من اوفتاده به کارم زسال پار گره
Сари қробаҳ ӣ мебоз кун ту эй соқӣ
سر قرابه ی می باز کن تو ای ساقی
Гушой аз дили мисатони зўолхмори гиреҳ
گشای از دل مستان ذوالخمار گره
Гиреҳ ба ришта ӣ ҷони аўФтодаҳ буд здл
گره به رشته ی جان اوفتاده بود زدل
Чу хӯн шуд аз ғам ӯ боз шуд зкори гиреҳ
چو خون شد از غم او باز شد زکار گره
Фидои ҳиммати он ошиқӣ ки дар раҳи дӯст
فدای همّت آن عاشقی که در ره دوست
Кунад чу гиря фитад дар гулӯии ёри гиреҳ
کند چو گریه فتد در گلوی یار گره
« вафое » аз ҳама олам буриду баст ба дӯст
«وفایی» از همه عالم بُرید و بست به دوست
Задааст ришта ӣ улфат ба зулфи ёри гиреҳ
زده است رشته ی الفت به زلف یار گره