Ходимаи бози ин сухани ҷони гудоз

خادمه باز این سخن جان گداز

Кард равони арза ба он длнўоз

کرد روان عرضه به آن دلنواز

Боз баён кард ки ӯ дар ғам аст

باز بیان کرد که او در غم است

Рӯзу шубон бо ғами ту ҳамдам аст

روز و شبان با غم تو همدم است

Ҷузи ғами ту ҳеҷ надорад ба дил

جز غم تو هیچ ندارد به دل

Мондаи зи борони мазаи по ба гул

مانده ز باران مزه پا به گل

Валвала дар ҷон ва ду чашми пари об

ولوله در جان و دو چشم پر آب

Ҳаст дарин кӯии ту дар изтироб

هست درین کوی تو در اضطراب

Гар бикунӣ раҳм , буд ҷои он

گر بکنی رحم، بود جای آن

Пер шуд имрӯзи дарин ғами ҷавон

پیر شد امروز درین غم جوان

Боз бихандед чу шаҳду шукр

باز بخندید چو شهد و شکر

Гуфт маро медиҳад ин дардисар

گفت مرا می دهد این دردسر

Май натавонад ки з ман бугзарад

می نتواند که ز من بگذرد

Қӯти он не ки ба ман бингарад

قوت آن نی که به من بنگرد

Ман ба миёни ҳамаи душманон

من به میان همه دشمنان

Чун кунам имрӯзи давое чу он

چون کنم امروز دوایی چو آن