Сабо ба таҳнияти пер мефуруш омад
صبا به تهنیت پیر می فروش آمد
Ки мавсими гулу насрину ноз ва нӯш омад
که موسم گل و نسرین و ناز و نوش آمد
Дар ҷавоб ӯ
در جواب او
Чу деги қалияи биринҷами саҳар ба ҷӯш омад
چو دیگ قلیه برنجم سحر به جوش آمد
Дили рамидаи ман соъатӣ ба ҳуш омад
دل رمیده من ساعتی به هوش آمد
зи шавқи нони тнки байн ки мурғи бирёни боз
ز شوق نان تنک بین که مرغ بریان باز
Ба рӯй оташ сӯзанда дар хурӯш омад
به روی آتش سوزنده در خروش آمد
Марои зи духтари гипо таъаҷҷубӣаст ба дил
مرا ز دختر گیپا تعجبی است به دل
Ки бо вуҷӯди дили пар чаро хамӯш омад
که با وجود دل پر چرا خموش آمد
Ба панҷ ашкнаҳи қонеъи шӯу ғанимати дор
به پنج اشکنه قانع شو و غنیمت دار
зи деги каллаи марои дӯши ин ба гӯш омад
ز دیگ کله مرا دوش این به گوش آمد
Расед нони тнк , муждаи бахши бирён ро
رسید نان تنک، مژده بخش بریان را
Ки ноумед набошӣ ки стрпўш омад
که ناامید نباشی که سترپوش آمد
зи Ямани давлати маймун матбахӣ будаст
ز یمن دولت میمون مطبخی بودست
Ки хон атъима дӯшинаам ба дӯш омад
که خوان اطعمه دوشینه ام به دوش آمد
Дили шикастаи сӯфии зи иштиёқи таом
دل شکسته صوفی ز اشتیاق طعام
Ғуломи ҳалқа ба гӯашони нон фуруш омад
غلام حلقه به گوشان نان فروش آمد